Hindi News »Haryana »Sohna» सफाई का 26% बढ़ा बजट, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था, बेपरवाह हैं निजी एजेंसियां

सफाई का 26% बढ़ा बजट, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था, बेपरवाह हैं निजी एजेंसियां

शहर में सफाई का बजट बढ़ाने के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी है। बरसात में स्थिति और खराब हो रही है। नियमित कूड़ा नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 03, 2018, 02:05 AM IST

  • सफाई का 26% बढ़ा बजट, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था, बेपरवाह हैं निजी एजेंसियां
    +1और स्लाइड देखें
    शहर में सफाई का बजट बढ़ाने के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी है। बरसात में स्थिति और खराब हो रही है। नियमित कूड़ा नहीं उठने से सड़क किनारे बनाए गए खत्तों पर कचरे के ढेर लगे हैं, जिसमें नमी से बीमारी फैलने की आशंका है।

    शहर में मूलभूत सुविधाओं के लिए तीन बड़ी एजेंसियां काम कर रही हैं, जिसमें नगर निगम, जीएमडीए और हुडा शामिल हैं। मगर, सफाई की जिम्मेदारी अकेले नगर निगम की है। निगम ने इसके लिए 126 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट तय किया है, जो गत वित्त वर्ष के बजट से 26 फीसदी अधिक है। हालांकि, सफाई पर निर्धारित बजट से अधिक खर्च हो रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा इकट्ठा करने व शहर के कचरे को बंधवाड़ी निस्तारण प्लांट तक पहुंचाने के लिए निगम द्वारा ईको ग्रीन कंपनी को प्रति टन 1000 रुपए दर से भुगतान किया जा रहा है। इसके नियमित व निगम के पेरोल पर झाड़ू लगाने के लिए लगभग 2200 कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा 1963 कर्मी निजी एजेंसियों के लगाए गए हैं। जोन-1 में 627 कर्मियों की तैनाती के लिए साईं इंटरप्राइजेज को टेंडर दिया गया है। इसी तरह से जोन-2 के अंतर्गत बालाजी सिक्योरिटी सर्विसेज के 525 कर्मी लगे हैं। जोन-3 में 426 कर्मियों के लिए केएस मल्टी फेसिलिटी और जोन-4 अंतर्गत 385 कर्मियों की तैनाती के लिए वशिष्ठ मैनपावर को भुगतान किया जाता है। चारों एजेंसियां एक मार्च से काम कर रही हैं। इस तरह से सफाई पर हर महीने 12 से 13 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, फिर भी शहर में सफाई व्यवस्था चौपट है।

    गुड़गांव. सेक्टर-52 में फैली पड़ी गंदगी पर मुंह मारती गाय।

    शहर में अब भी सफाईकर्मियों के हड़ताल पर होने जैसे हालात

    दैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को शहर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो स्थिति चिंताजनक पाई। पुराने शहर में घंटेश्वर मंदिर के पास कचरे का ढेर लगा था। यहां अभी भी कर्मचारी हड़ताल के समय जैसी स्थिति है। मई में कर्मचारी हड़ताल के दौरान इस जगह पर कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया था। अब हड़ताल समाप्त हुए डेढ़ महीना हो चुका हैं मगर, स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। इसी तरह से सदरबाजार सब्जी मंडी के बाहर व गुरुद्वारा के सामने भी कचरे का ढेर मिला। बरसात के चलते खांडसा सब्जी मंडी का तो बुरा हाल हो रहा है। उधर, न्यू रेलवे रोड पर शीतला हॉस्पिटल के पास आधी सड़क पर कूड़ा पड़ा है। पिछले दिनों बारिश के चलते यहां कचरे से बदबू उठ रही थी। इससे आगे न्यू रेलवे रोड पर ही भीम नगर फायर स्टेशन के पास भी यही स्थिति मिली। यहां भी सड़क के आधे हिस्से पर कचरा पसरा दिखा। बसई में तालाब के पास सरकारी स्कूल की जमीन पर बने खत्ते से भी नियमित कचरा नहीं उठाया जा रहा है। सेक्टर-52 मदर डेरी के सामने बने खत्ते पर कई दिनों से कूड़े का ढेर पड़ा है। आरडीसीटी में खुले प्लॉटों में भी कचरा फैला है। सरस्वती कुंज सोसायटी में भी कई दिन से कचरा नहीं उठाया गया है। इसी तरह से सोहना रोड पर गांव टिकरी के पास ही बड़ी मात्रा में कूड़ा पड़ा है।

    गुड़गांव. सब्जी मंडी में लगा गंदगी का अंबार।

    स्थिति में जल्द सुधार नजर आएगा : यादव

    नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव का कहना है कि सफाई व्यवस्था में सुधार करना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। वार्ड में जनसभा करके समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा रही है। निजी एजेंसियों को भी सक्रिय किया जा रहा है। जल्द स्थिति में सुधार नजर आएगा।

  • सफाई का 26% बढ़ा बजट, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था, बेपरवाह हैं निजी एजेंसियां
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sohna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×