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शीशे हटाकर लगाई जा रही वर्टिकल ग्रीनरी पॉल्यूशन का असर 50 % तक होगा कम

गुड़गांव में बढ़ते पॉल्यूशन से निपटने के लिए अब शीशे की बजाय वर्टिकल ग्रीनरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहर के पॉश...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 09, 2018, 02:10 AM IST

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    गुड़गांव में बढ़ते पॉल्यूशन से निपटने के लिए अब शीशे की बजाय वर्टिकल ग्रीनरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहर के पॉश क्षेत्र की दर्जनभर से अधिक इमारतों से शीशे भी हटा दिए गए हैं। वहीं कई अन्य नई इमारतों पर शुरुआत से ही वर्टिकल ग्रीनरी लगाई जा रही है। ऐसी इमारतों में एक्सपर्ट के अनुसार 5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम हो जाता है, वहीं दूसरी ओर पॉल्यूशन का असर भी 50 फीसदी तक कम हो जाता है। ऐसे में शहर की शीशों से चमचमाती इमारतों की बजाय हरी-भरी इमारत अधिक नजर आएंगी। शहर के साइबर हब व डीएलएफ फेस-3 की दर्जनभर इमारतों से शीशे हटाए जाने का काम शुरू हो गया है। साइबर हब बड़े क्षेत्र में केवल शीशे की ही इमारतें दिखाई देती हैं, लेकिन शहर में बढ़ते पॉल्यूशन के स्तर व लगातार बढ़ते तापमान के मद्देनजर इन इमारतों के शीशे हटाकर वर्टिकल हरियाली से सजाने का काम किया जा रहा है। वहीं जिला बागवानी विभाग ने भी ग्रीन वॉल को लेकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जिला बागवानी विभाग के अधिकारी डाॅ. दीन मोहम्मद का कहना है कि गुड़गांव जैसे शहर के लिए ग्रीन वॉल कांसेप्ट काफी अच्छा है। इससे पॉल्यूशन का स्तर कम होगा और तापमान में भी 5 डिग्री तक कमी लाई जा सकती है।

    एक्सपर्ट बोले: ऐसी इमारतों में हरियाली से 5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होता है कम

    गुड़गांव. डीएलएफ फेज थ्री स्थित साइबर हब में प्रदूषण को कम करने के लिए शीशे हटाकर इमारतों पर लगाई जा रही वर्टिकल ग्रीनरी। फोटो. दिनेश कुमार

    पॉल्यूशन को कम करने के उद्देश्य से शहर के सोहना रोड व अन्य पॉश सेक्टरों की इमारतों पर भी पौधे लगाए गए हैं। इससे जहां पॉल्यूशन का स्तर कम होता है। इमारतों में सभी फ्लोर पर पौधों से सजाया गया है। जिससे इमारत सुंदर लगने के साथ-साथ पॉल्यूशन फ्री भी रहती है।

    कई बिल्डिंग पर ऊपर तक लगाए गए पौधे

    गुड़गांव. डीएलएफ फेज थ्री स्थित साइबर हब में इमारतों पर वर्टिकल ग्रीनरी लगाने के लिए हटाए जा रहे शीशे।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट

    गुड़गांव में शीशे की बिल्डिंग काफी चमचमाती नजर आती हैं, लेकिन सभी में एसी चलने से आक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसे में वर्टिकल ग्रीनरी लगाने से आक्सीजन का स्तर तो बेहतर होगा। साथ ही तापमान में भी 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी लाई जा सकती है। गुड़गांव में बागवानी विभाग की ओर से प्लांट लगाए गए हैं और लोगों को ग्रीन वॉल कंसेप्ट के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। -डाॅ. दीन मोहम्मद, जिला बागवानी अधिकारी, गुड़गांव।

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