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आरएसएस कार्यकर्ताओं को डाला था जेलों में, दी गई थीं यातनाएं : रामबिलास शर्मा

आपातकाल के दौरान देशभर में भय का माहौल बन गया था और उस समय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों और आम...

Danik Bhaskar | Jun 26, 2018, 01:55 PM IST
आपातकाल के दौरान देशभर में भय का माहौल बन गया था और उस समय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों और आम लोगों पर जितना घोर अत्याचार हुआ, उतना स्वतंत्र भारत में कभी नहीं हुआ। ये बात प्रदेश के शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने सोहना चौक स्थित सिद्धेश्वर मंदिर सभागार में लोकतंत्र सेनानी संगठन द्वारा आपातकाल की बरसी पर 1975 का आपातकाल- लोकतंत्र की हत्या विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने आपातकाल के दौरान जेल में खुद पर हुए अत्याचारों की घटनाओं का भी वर्णन किया और बताया कि किस तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन में जेलों में बंद लोगों से अमानवीयता की गई थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल के आदेशों पर उन सभी लोगों को जेल में डाला गया जो आपातकाल का विरोध कर रहे थे। जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में पूरा देश सड़कों पर था और संघ के स्वयं सेवक दृढ़ता से अत्याचार सहते हुए तानाशाही का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण इंदिरा गांधी को बैकफुट पर आना पड़ा और चुनाव की घोषणा करनी पड़ी थी।

आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक प्रेमचंद गोयल ने कहा कि आपातकाल को काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को भी आपातकाल के बारे में जानकारी होनी चाहिए। विचार गोष्ठी को नरेश अग्रवाल, गोविंद भारद्वाज, विधायक तेजपाल तंवर, महावीर भारद्वाज, विपिन सिंघल, अनिल कश्यप, कवि मोहन मनीषी ने भी संबोधित किया।

कहा-संघ के स्वयं सेवकों ने दृढ़ता से अत्याचार सहते हुए तानाशाही का विरोध किया था

गुड़गांव. एमरजेंसी की बरसी पर ‘1975 का आपातकाल-लोकतंत्र की हत्या विषय’ पर आयोजित विचार गोष्ठी में लोगों को संबोधित करते शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा।