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गंभीर बता महिला को किया भेजा और बताया था फिट, जन्म लेते ही बच्ची की मौत

पुत्रवधू नेहा को वह डिलीवरी के लिए सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंचे थे।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 08:00 AM IST

सोनीपत. सामान्य अस्पताल का गायनी वार्ड इन दिनों चर्चा में है, क्योंकि दो दिन पहले ही गर्भवती को गंभीर बताकर पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया, लेकिन जब परिजन गर्भवती को लेकर रोहतक पहुंचे तो यहां चिकित्सकों ने टेस्ट करवाने के बाद सब सही बताया। परेशान होकर परिजन सामान्य अस्पताल लौट आए। सोमवार को महिला ने नॉर्मल डिलीवरी से बेटी को जन्म दिया, लेकिन बच्ची ने कुछ समय बाद ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह सब डॉक्टर्स की लापरवाही की वजह से हुआ है। सतीश निवासी कालपुर ने बताया कि पुत्रवधू नेहा को वह डिलीवरी के लिए सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंचे थे।

यहां डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि बच्चे की धड़कन कम है, डिलीवरी यहां नहीं हो सकती। पुत्रवधू को पीजीआई रोहतक भेज दिया। वह नेहा को लेकर 5 जनवरी को रोहतक पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने नेहा को जांत के बाद फिट बताया और उन्हें वापस सोनीपत के लिए भेजा गया। यहां आने के बाद शनिवार को नेहा को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे लेकर रविवार को सामान्य अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। सामान्य अस्पताल से जिन गर्भवती महिलाओं को गंभीर बताकर रेफर किया गया था, ऐसी 5 महिलाओं की डिलीवरी के लिए खानपुर जाते समय एंबुलेंस में ही हुई। यह आंकड़ा 2 माह का ही है। एक महीने में तो चार डिलीवरी एंबुलेंस में हुई।

सतीश ने बताया कि नेहा दर्द से तड़प रही थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जो डिलीवरी रविवार को होनी थी वह जानबूझकर टाली गई। यह सब डॉक्टर होने के कारण किया गया। सोमवार की सुबह नेहा ने करीब 7 बजे बच्ची को जन्म दिया। जिसने कुछ समय बाद ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। सतीश ने बताया कि इलाज में घोर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते यह सब हुआ। उन्हें पीजीआई के धक्के खिलाए गए। अगर डॉक्टर नेहा की डिलीवरी समय पर करवाते तो शायद बच्ची जिंदा होती।