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15 फरवरी तक पूरी कर लें सूरजमुखी फसल की बिजाई

सूरजमुखी की बिजाई करने वाले किसान 15 फरवरी तक बिजाई पूरी कर लें। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:15 PM IST
सूरजमुखी की बिजाई करने वाले किसान 15 फरवरी तक बिजाई पूरी कर लें। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वैज्ञानिकों के अनुसार समय पर बिजाई के लिए हरियाणा सूरजमुखी नंबर वन व संकर किस्में बीएसएच-1, एमएसएफएच-8, पीएसी-36, केबीएसएच-44, एचएसएफएच-848, पीसीएसएच-234, पछेती बिजाई के लिए संकर किस्में एमएसएफएच-17, पीएसी-1091, सनजीन-85, प्रोसन-09 व एचएसएफएच-848 किस्मों का बीज प्रयोग कर सकते हैं। उन्नत किस्मों का चार व संकर किस्मों का डेढ़ से दो किलोग्राम बीज प्रति एकड़ प्रयोग करें।

बिजाई से पहले बीज को भिगोएं: वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को चाहिए कि वे बिजाई से पूर्व बीज को 4-6 घंटे तक पानी में भिगोकर छाया में सुखा लें। बीज जनित रोगों से बचाव के लिए फफूंदनाशक से बीज का उपचार करना न भूलें। जड़गलन व तनागलन रोगों से बचाव के लिए प्रति किलोग्राम बीज को तीन ग्राम थाइरम से बिजाई से पहले उपचारित करें। बीजोपचार के लिए बाविस्टीन दो ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के लिए भी प्रयोग की जा सकती है।

ये रखें कतारों की दूरी: उन्नत किस्मों में कतारों की दूरी 45 सेंटीमीटर तथा पौधों के बीच की दूरी 30 सेंटीमीटर रखें। संकर किस्मों के लिए कतारों में 60 सेंटीमीटर एवं पौधों में 30 सेंटीमीटर की दूरी रखें। बीज की गहराई 3-5 सेंटीमीटर रखें।

ये खाद करें प्रयोग: वैज्ञानिकों के अनुसार उन्नत किस्म एवं सामान्य उपजाऊ अवस्थाओं में संकर किस्मों में 24 किलोग्राम शुद्ध नाइट्रोजन तथा 16 किलोग्राम शुद्ध फास्फोरस प्रति एकड़ डालें।

आंवला के पौधे 15 फरवरी तक लगाएं

आंवला के नए पौधे लगाने का कार्य 15 फरवरी तक पूरा कर लें। पौधे लगाने के बाद गर्मियों में पौधों की सिंचाई 4-5 दिन व सर्दियों में 7-10 दिन पर करते रहें। चौ. चरण सिंह हरियाण कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वैज्ञानिकों के अनुसार ढाई किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट व 500 ग्राम यूरिया प्रति पौधा डालकर निराई गुड़ाई और हल्की सिंचाई करें।

तरबूज व खरबूजा

तरबूज व खरबूजे की अगेती फसल लेने के लिए इन फलदार सब्जियों को प्लास्टिक प्रोट्रेस विधि द्वारा पौधे तैयार करके फरवरी के शुरू में रोपाई कर दें। इन फसलाें की बिजाई फरवरी से ही शुरू करें। तरबूज की किस्में चार्लेस्टन ग्रे या शुगर बेबी तथा खरबूजे की किस्में हरा मधु या पंजाब सुनहरी प्रयोग में लाएं। तरबूज के लिए बीज की मात्रा डेढ़ से दो किलोग्राम प्रति एकड़, खरबूजे के लिए एक किलोग्राम प्रति एकड़ डालें। बिजाई से पहले बीज का उपचार जरूर करें।

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