--Advertisement--

पुलिस लाइन से अब तक एक करोड़ 27 लाख की रिकवरी

31 मार्च को वित्त वर्ष 2016-17 समाप्त हो गया। जिस भी विभाग के पास जो फंड पड़ा था अगर वह प्रयाेग नहीं किया गया तो लैप्स हो...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:45 AM IST
31 मार्च को वित्त वर्ष 2016-17 समाप्त हो गया। जिस भी विभाग के पास जो फंड पड़ा था अगर वह प्रयाेग नहीं किया गया तो लैप्स हो जाता है। इससे भी जरूरी इस बार बिजली निगम द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों को सरचार्ज माफी योजना का लाभ उठाना था। एक दो मामले भी इस तरह के सामने आए कि ट्रेजरी को बिल भेजने के बाद भी निगम के खाते में पैसे ट्रांसफर नहीं हो पाए। इसके अलावा काफी संख्या में ठेकेदारों की पेमेंट भी प्रभावित रही। हालांकि ट्रेजरी के कर्मी देर शाम तक जुटे रहे। बिजली निगम को अंतिम सप्ताह में चार करोड़ रुपए से अधिक की आय विभिन्न माध्यमों से हुई है।

मार्च का महीना सरकारी विभाग और निजी संस्थान सभी के लिए खास होता है। पूरे साल की कमाई का ब्यौरा देना तो सरकारी महकमों को पूरे साल के आय व्यय का ब्यौरा देना होता है। पब्लिक हेल्थ डी एंड पी का करीब 12 लाख रुपए का बिल ट्रेजरी से शाम तक क्लियर नहीं हो पाया था। इसके अलावा डिवीजन नंबर दो का करीब 25 लाख रुपए का बिल भेजा गया था। वहीं एक बिल बिजली निगम को जारी किया गया था, लेकिन बैंक और ट्रेजरी के चक्कर में क्लियर नहीं हो पाया।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..