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फायर स्प्रिंग कलर कार्य करते तो दूसरे कमरे तक नहीं पहुंचती आग

महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में शनिवार को हुई आग की घटना से निपटने के संस्थान द्वारा किए गए प्रबंधों की पोल खोल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:50 AM IST

फायर स्प्रिंग कलर कार्य करते तो दूसरे कमरे तक नहीं पहुंचती आग
महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में शनिवार को हुई आग की घटना से निपटने के संस्थान द्वारा किए गए प्रबंधों की पोल खोल दी। भवन की छत पर लगाए गए फायर स्प्रिंग कलर ने आग लगने पर कार्य नहीं किया। जिसके कारण आग एक कमरे से दूसरे कमरे तक फैलती चली गई। आग की घटना की जांच के लिए कॉलेज प्रशासन ने डॉ. एमएस पूनिया की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय कमेटी गठित की हैं। यह कमेटी घटना की प्रत्येक पहलु पर जांच करेगी। डायरेक्टर ने कमेटी को संस्थान में सुरक्षा प्रबंधों की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं।

कॉलेज में एमआरआई और सीटी स्कैन लैब में शनिवार दोपहर बाद आग लग गई थी। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगने से पैनल रूम, एमआरआई व सीटी स्कैन लैब, कंप्यूटर रूम और गैलरी में रखा सामान जल गया था। आग को देख मरीजों में भगदड़ मच गई थी। वार्ड के मरीजों को बाहर निकाला गया था। कुछ मरीजों का उपचार परिसर में किया गया। वहीं कुछ मरीजों को पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया था। आगजनी की इस घटना में भवन में आगजनी की घटना से निपटने के लिए किए गए प्रबंधों की पोल खोलकर रखी दी है। सूत्रों का कहना है कि कॉलेज में लगाए गए फायर स्प्रिंग कलर ने कार्य नहीं किया। जिसके चलते आग लगातार बढ़ती चली गई।

लैब भवन बनने के बाद तैयार की गई थी। आग लगने से क्षतिग्रस्त हुई लैब में दूसरे दिन भी सिलिंग फाल स्वयं ही गिरती रही। लैब के पास से गुजरने पर अभी तक आग की लपटों से गर्मी का अहसास होता है। जिसके चलते मरीज भी वहां पर नहीं जाते। वहीं वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि शनिवार को जो हुआ, उसके चलते रात भर सो नहीं पाए। रात भर यही डर बना रहा कि आग वार्ड तक पहुंच जाती तो क्या होता? गनीमत यह रही कि आग नीचे के फ्लोर तक रहीं।

दूसरे दिन भी गिरती रही फाल सिलिंग

खानपुर कलां . सीटी स्कैन लैब में जले हुए सिस्टम।

तापमान बढ़ने से रोकता है फायर स्पिंग कलर

फायर अफसर के अनुसार फायर स्प्रिंग कलर एक तरह का उपकरण है। यह उपकरण आग लगने पर कमरे में तापमान को अधिक नहीं बढ़ने देता। मेडिकल कॉलेज में फायर स्प्रिंग कलर लगे हुए हैं। परंतु उपकरणों ने कार्य नहीं किया।

आज शुरू होगी जांच : डायरेक्टर ने घटना की जांच करने के लिए एमएस की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी सोमवार से जांच शुरू करेगी। कमेटी द्वारा आग लगने के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ आगजनी से हुए नुकसान का भी आंकलन किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में एमआरआई व सीटी स्कैन लैब प्राइवेट पार्टनशिप योजना के अंतर्गत चलाई जा रही है। कंपनी भी अपने स्तर पर इसकी जांच कराएगी।

नहीं हो सके टेस्ट : आगजनी की घटना के कारण लैब में रखी मशीन व अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिजली सप्लाई बाधित हो चुकी है। रविवार को भी लैब में बिजली सप्लाई चालू नहीं हुई। वहीं मशीन भी क्षतिग्रस्त होने से रविवार को मरीजों के टेस्ट नहीं हुए। मरीजों को बिना टेस्ट कराएं ही वापस जाना पड़ा। वहीं एमआरआई व सीटी स्कैन की सुविधा न होने पर कई मरीजों को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया।

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