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निष्कासन को आशीर्वाद बताने वाले दुष्यंत बोले- पत्र पर चौटाला के साइन नहीं, मैं अब भी पार्टी में

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा इनेलो में विवाद के बीच पार्टी से निकाले गए सांसद दुष्यंत चौटाला लंबे इंतजार के...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:11 AM IST
Gohana - chautala39s sign on dushyant bolekha blessing the expulsion i am still in the party
भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा

इनेलो में विवाद के बीच पार्टी से निकाले गए सांसद दुष्यंत चौटाला लंबे इंतजार के बाद शनिवार को मीडिया के सामने आए। पर न तो आगे की रणनीति का खुलासा किया और न ही दोनों भाइयों की राजनीति खत्म बताने वाले अभय चौटाला का नाम लिया। जबकि उन्होंने कहा था कि बता देंगे कि किसका वजूद खत्म हुआ है। बहरहाल, शब्दों की लड़ाई में नया शब्द जयचंद जरूर आ गया है। दुष्यंत ने कहा कि कुछ जयचंद हैं, जिन्होंने उन्हें पार्टी से निकाला है, लेकिन प्रेस विज्ञप्ति पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला के हस्ताक्षर नहीं हैं। इसलिए मैं पार्टी में ही हूं। फिर भी उन्होंने साजिश रचने वाले जयचंद का नाम नहीं बताया, 5 नवंबर को दिल्ली में दुष्यंत ने निष्कासन को आशीर्वाद बताया था।

दुष्यंत ने अभय का नाम लिए बिना कहा कि हमने फील्ड में रहकर दवा और छात्रसंघ जैसे मुद्दे उठाए, लेकिन विधानसभा में ये मुद्दे कभी नहीं रखे गए। वहां भाजपा की भाषा बोली गई। अभय चौटाला ने एक दिन पहले 13 विधायकों के साथ सिरसा में शक्ति प्रदर्शन था। शायद इसीलिए दुष्यंत ने भी पत्रकारवार्ता में दो विधायकों समेत करीब एक दर्जन सीनियर लीडर्स को साथ बैठाकर यह दर्शाने का प्रयास किया कि पार्टी के पदाधिकारी और विधायक उनके भी साथ हंै। यहां उन्होंने यह भी कहा कि अभी देखते रहिए बाकी विधायक भी साथ आएंगे। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को जींद में पार्टी के प्रधान महासचिव अजय चौटाला प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग लेंगे। अभी वे सभी 22 जिलों में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। जो भी निर्णय होगा, 17 को होगा। जींद की धरती ताऊ देवीलाल के संघर्ष की धरती है और आने वाले समय में यहीं से न्याय युद्ध शुरू किया जाएगा। शेष | पेज 11 पर

चंडीगढ़ | प्रेस क्लब में पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ मीडिया को संबोधित करते सांसद दुष्यंत चौटाला।

अभिमन्यु : आज दुष्यंत, कल अभय चौटाला थे

चंडीगढ़ में दुष्यंत ने कहा-वक्त का रुख बदलना आता है, हमें कांटो पर भी चलना आता है, अभिमन्यु समझ रच दिया चक्रव्यूह, हमें चक्रव्यूह भी तोड़ना आता है। उन्होंने कहा, चौधरी चरणसिंह ने देवीलाल को निष्कासित किया और देवीलाल ने ओमप्रकाश चौटाला को किया था, लेकिन वे रुके नहीं। अब मुझे निष्कासित किया जा रहा है लेकिन मैं भी उनका खून हूं और रुकने वाला नहीं हूं। एक दिन पहले सिरसा में पार्टी की इमरजेंसी मीटिंग में सीनियर नेता रामपाल माजरा ने कहा था कि जिस तरह महाभारत में अभिमन्यु के लिए चक्रव्यूह रचा गया था, उसी तरह अभय के लिए व्यूह रचना की जा रही है, लेकिन हम अभय को फंसने नहीं देंगे।

अब जयचंद : दुष्यंत ने कहा कि हमें निकालने की साजिश पार्टी में बैठे जयचंदों ने की है। उन्होंने नहीं बताया कि पार्टी में जयचंद कौन है। इतिहास में देश के सबसे बड़े गद्दारों की सूची में पृथ्वी राज चौहान काल के जयचंद का नाम दर्ज है।

सिर्फ मैंने जिंदाबाद के नारे लगाए

दुष्यंत ने कहा कि गोहाना रैली में हूटिंग नहीं, जिंदाबाद के नारे लगे। लोगों के जज्बात थे, जो सामने अाए। अकेला मैं था, जिसने नेता प्रतिपक्ष जिंदाबाद के नारे लगाए। 25-30 साल से इनेलो से जुड़े कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का पेड वर्कर बता दिया गया। हम केवल ताऊ देवीलाल की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं।

5 विधायक अभय, 3 विधायक दुष्यंत के पक्ष में बोले

अंतर्कलह से जूझ रहा इनेलो बंटा दिख रहा है। एक धड़ा पार्टी महासचिव अजय सिंह चौटाला के बेटे सांसद दुष्यंत का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा गुट नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के साथ खड़ा है। एक धड़ा ऐसा भी है जो कहता है कि वो ओमप्रकाश चौटाला के निर्देश पर काम कर रहा है।

दुर्योधन: विराेधियों को यह नाम दिया था अजय ने

तिहाड़ जेल से पैरोल पर आए अजय चौटाला ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर कहा था - याचना नहीं अब रण होगा-जीवन या मरण होगा, दुर्योधन तू धराशायी होगा-हिंसा का उत्तरदायी होगा। उन्होंने भी नहीं बताया था कि दुर्योधन कौन है।

पढ़िए पेज 2 पर

अंतर्कलह बता रहे ये शब्द किए गए प्रयोग

हूटिंग

अनुशासनहीनता

निलंबन

निष्कासन

साजिश

षड्यंत्र

मतभेद

महाभारत

युद्ध

चक्रव्यूह

भीषण रण

सत्यानाश

दुर्योधन

दीया-तूफान

पेड कांग्रेसी

सीडी/वीडियो

इमरेंजसी

और अब जयचंद।

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