मंडी में खुले में पड़ा 10 हजार क्विंटल गेहूं भीगा

Sonipat News - क्षेत्र में मंगलवार सुबह हल्की बरसात हुई। बरसात ने अनाज मंडी में मार्केट कमेटी द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं की पोल...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:21 AM IST
Gohana News - haryana news 10 thousand quintals of wheat lying in the open market
क्षेत्र में मंगलवार सुबह हल्की बरसात हुई। बरसात ने अनाज मंडी में मार्केट कमेटी द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। मंडी में खुले में पड़ा करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। बरसात का पानी अनाज की ढेरियों के नीचे और बोरियों के आसपास भर गया। इससे फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई। खरीद एजेंसी ने भी मंडी परिसर में खुले में पड़ी ढेरियों की खरीद नहीं की। उधर, बदलते मौसम ने किसानों की समस्या बढ़ा दी।

अनाज मंडी में करीब 1.80 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। मंडी में फसल की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध नहीं किए गए हैं। सुबह पहली बरसात हुई। बरसात के दौरान फसल को भीगतने से बचाने के लिए आढ़तियों के पास व्यापक प्रबंध नहीं हैं। आढ़तियों के पास पर्याप्त तिरपालों की व्यवस्था नहीं है। ढेरियां खुले में भीगती रही। मंडी परिसर में पानी निकासी की भी व्यापक व्यवस्था नहीं कराई गई है। बरसात का पानी फसल की ढेरियों के पास और उसके नीचे फैल गया। पानी शाम तक भरा रहा। वहीं बरसात से गेहूं की कटाई का कार्य भी बाधित हो गया है। गेहूं की फसलें पकने के बाद किसान कंबाइन मशीनों से कटाई का कार्य शुरू करा दिया था।

गोहाना. नई अनाज मंडी में गेहूं की ढेरी के पास भरा पानी।

डीसी ने मार्केट कमेटी को दिए थे व्यवस्था के निर्देश

मंडी में गेहूं की आवक शुरू होने से पहले डीसी ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को मंडी में पानी निकासी, पेयजल और सफाई कराने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे। ताकि बरसात होने पर मंडी में पहुंचने वाली फसल न भीगे, लेकिन मार्केट कमेटी ने अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। हल्की बरसात होते ही मंडी में जगह-जगह पानी भर गया। गौरतलब है कि पहले भी बरसात होने पर पानी मंडी में भर जाता है। बाद में फसल में नमी की मात्रा कम करने के लिए किसान को कई दिन तक मंडी में रहना पड़ता है। इससे होने वाली समस्या के समाधान के लिए किसान व आढ़ती कई बार मंडी में पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग कर चुके हैं।

शेड के नीचे रखे हैं बैग

मंडी में फसल रखने के लिए दो शेड बने हुए हैं। दोनों शैड के नीचे एजेंसियों द्वारा खरीदी गई फसल के बैग रखे हुए हैं। बैग रखे होने के कारण किसानों को शैड के नीचे फसल उतारने के लिए स्थान नहीं मिल रहा है। जबकि शेडों का निर्माण फसल उतारने के लिए किया गया है। किसानों को खुले आसमान के नीचे अपनी फसलें डालनी पड़ती हैं। ऐसे में किसानों फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

हैफेड ने शेड के नीचे पड़ा करीब एक लाख क्विंटल गेहूं खरीदा

मंगलवार को अनाज मंडी में हैफेड एजेंसी ने गेहूं की खरीद की। एजेंसी ने शाम तक करीब एक लाख क्विंटल गेहूं खरीदा। एजेंसी के अधिकारियों ने केवल वही फसल खरीदी जो शेड के नीचे रखी हुई थी अथवा तिरपाल से ढकी हुई थी। खुली ढेरियों में नमी की मात्रा अधिक होने के चलते एजेंसी ने उन ढेरियों की खरीद नहीं की। खरीद केंद्रों पर भी एजेंसियों ने केवल मापदंडों पर खरी उतरने वाली फसल की खरीद की।

मार्केटिंग बोर्ड को व्यवस्था करने के दिए हैं निर्देश


संदीप लोहान, सचिव, मार्केट कमेटी, गोहाना

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