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गायनी में बेहतर सुविधाएं देने पर मेडिकल कॉलेज अव्वल

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 04:35 AM IST

Sonipat News - बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां के गायनी विभाग को एनएचएम की टीम ने लक्ष्य स्कीम के तहत 71 अंक दिए हैं। लक्ष्य...

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बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां के गायनी विभाग को एनएचएम की टीम ने लक्ष्य स्कीम के तहत 71 अंक दिए हैं। लक्ष्य स्कीम के तहत प्राप्त अंकों के आधार पर मेडिकल कॉलेज को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। अंकों का आधार गायनी विभाग में डिलीवरी की संख्या, जच्चा एवं बच्चा को दी जा रही सुविधाओं एवं देखभाल को बनाया है।

मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह करीब 500 महिलाओं की डिलीवरीहोती है। इनमें से अधिकांश डिलिवरी हाई रिस्क की श्रेणी में आती हैं। महिलाओं की डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज में 100 बेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में जच्चा एवं बच्चा को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सरकार ने बीते वर्ष लक्ष्य स्कीम शुरू की थी। इसके तहत मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए गायनी विभाग में सुविधाएं बढ़ाई जानी थी। इसमें मरीजों के प्रति डॉक्टरों एवं स्टाफ नर्स का व्यवहार भी शामिल किया गया है। बीते दिनों एनएचएम की टीम ने संस्था का दौरा किया। टीम ने वार्ड की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं का जायजा भी लिया। टीम के सदस्यों ने गायनी विभाग में सफाई, डिलिवरी से पहले और बाद में महिलाओं को वार्ड में रखने की व्यवस्था को लेकर संतुष्टि जताई।

मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में हार्ट और किडनी का स्पेशलिस्ट नहीं है। मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाएं दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर यहां पहुंचती हैं। इनमें से प्रति सप्ताह दो से तीन महिलाओं को किडनी और हार्ट की बीमारी के चलते दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। किडनी एवं हार्ट स्पेशलिस्ट के पद बीते वर्ष से रिक्त पड़े हैं।

खानपुर कलां. बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में गायनी वार्ड।

पाॅइंट एक : डॉक्टरों की कमी

मेडिकल कॉलेज में गायनी विभाग में छह स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं। इनमें से तीन डॉक्टर पिडिटिशियन हैं। लक्ष्य स्कीम के तहत मेडिकल कॉलेज में गायनी विभाग में सीनियर डॉक्टरों की कमी है। स्कीम के तहत पिडिटिशियन डॉक्टरों की संख्या अधिक होनी चाहिए।

पॉइंट दो : भवन का ले-आउट

मेडिकल कॉलेज में गायनी विभाग के ले-आउट के चलते भी एनएचएम टीम ने संस्था के अंक काटे हैं। टीम के अनुसार गायनी विभाग में वार्ड तक आने और जाने का रास्ता अलग-अलग होना चाहिए। जबकि अब वार्ड में मरीजों, स्टाफ एवं डॉक्टरों के आने-जाने का रास्ता एक ही है। इससे इंफेक्शन होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

पॉइंट तीन : स्टाफ की ट्रेनिंग

लक्ष्य स्कीम के तहत गायनी विभाग के सभी स्टाफ की लक्ष्य ट्रेनिंग नहीं हुई है। यह ट्रेनिंग चुनिंदा स्टाफ की ही करवाई है। जबकि नियमानुसार यह ट्रेनिंग सभी स्टाफ की करवाई जानी चाहिए थी। आपात स्थिति में दूसरी स्टाफ नर्स भी मरीज की देखभाल कर सकें।

यहां कटे नंबर

टीम ने विभाग को 71 अंक दिए : डॉ. महेंद्रू

गायनी वार्ड में एनएचएम की टीम दौरा किया था। वार्ड में महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं से संतुष्ट होकर टीम ने विभाग को 71 अंक दिए हैं। ये अंक प्रदेश में सबसे अधिक हैं। कुछ प्वॉइंटों पर अंक कटे हैं। इन पॉइंट पर काम कर उन्हें दूर किया जाएगा। -डॉ. राजीव महेंद्रू, एचओडी, गायनी विभाग, महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां

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