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इस क्लिनिक ने प्लेटफॉर्म पर महिला की कराई डिलिवरी, एक साल में 50 हजार मरीजों को मिली मदद

बॉम्बे हाइकोर्ट के आदेश पर महाराष्ट्र के स्टेशनों पर खोले गए वन रूपी क्लिनिक यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित...

Danik Bhaskar | May 07, 2018, 03:43 AM IST
प्रसूता के साथ स्टॉफ प्रसूता के साथ स्टॉफ

मुंबई. बॉम्बे हाइकोर्ट के आदेश पर महाराष्ट्र के स्टेशनों पर खोले गए वन रूपी क्लिनिक यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हाे रहे हैं। इसकी बानगी शनिवार को थाणे रेलवे स्टेशन दिखी। यहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक 22 वर्षीय महिला की मदद के लिए वन रूपी क्लिनिक की टीम पहुंचा। टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ही उसका प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इस सुविधा के बदले उनसे मात्र कुछ रुपए शुल्क लिया गया। 24 घंटे चालू रहता है क्लिनिक...

उप स्टेशन प्रबंधक डॉक्टर अपर्णा देवधर ने बताया कि ये क्लिनिक 24 घंटे चालू रहते हैं। क्लिनिक में 3 डॉक्टर्स 8 घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं। उनके साथ सहयोगी स्टाफ भी होता है। पीड़ित को प्राथमिक इलाज के साथ ही जरूरत पड़ने पर अस्पताल तक पहुंचाने का काम भी करते हैं।

दरअसल, एक सामाजिक कार्यकर्ता समीर जवेरी ने गत वर्ष मार्च में एक जनहित याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर कर कहा था कि ट्रैक पर हादसे का शिकार हुए पीड़ितों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों का रिकॉर्ड भी नहीं होता है। जवेरी ने कहा- हाईकोर्ट इस मामले में रेलवे को आदेश दे कि वह ऐसा इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड सिस्टम डेवलप करे, जिससे रेल हादसों के शिकार लोगों का रिकॉर्ड रखा जा सके। उसके बाद वन रूपी क्लिनिक के गठन की कवायद हुई। मध्य रेलवे के साथ मिलकर 14 स्टेशनों पर असमर्थ बीमार या घायल यात्रियों को आपात स्थिति में 24 घंटे प्राथमिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना तय किया गया।


14 स्टेशनों पर क्लिनिक, 3 शिफ्टाें में 24 घंटे सुविधा

- कंसल्टिंग फीस मात्र 1 रुपए है। बीपी जांच फ्री है। नेबुलाइजर से लेकर ऑक्सीजन तक उपलब्ध है। इसकी फीस 30 रुपए से शुरू होती है।
- 50 हजार से अधिक लोगों को यात्रा में चिकित्सा मिल चुकी है।
- 1000 लोगों को आपात सेवाएं दी हैं। 14 स्टेशनों पर सुविधा चल रही है।