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राहुल चीन सीमा पर जाएंगे, डोकलाम विवाद के बाद हालात का जायजा लेंगे

भारत-चीन संबंधों पर अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब खुद चीन सीमा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:00 AM IST

राहुल चीन सीमा पर जाएंगे, डोकलाम विवाद के बाद हालात का जायजा लेंगे
भारत-चीन संबंधों पर अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब खुद चीन सीमा का दौरा करेंगे। डोकलाम विवाद की जांच कर रही विदेश मामलों से जुड़ी स्थायी संसदीय समिति के साथ वह सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में जाएंगे। दौरा मई के आखिर में होगा।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि राहुल सदस्य हैं। समिति डोकलाम में भारत-चीन की सेनाओं के बीच 73 दिन चले गतिरोध से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर और मौजूदा विदेश सचिव विजय गोखले कई बार इस मुद्दे पर समिति के समक्ष पेश भी हो चुके हैं। सूत्रों के अनुसार समिति के सदस्य हेलीकॉप्टर से विवादित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी कर सकते हैं। वहां तैनात शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ बातचीत भी की जाएगी। संभव हुआ तो उन इलाकों में भी जाएंगे, जहां घुसपैठ हुई थी। गत 16 जून को भारतीय सेना ने विवादित ट्राई-जंक्शन में चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था।

दौरा क्यों| करीब छह माह से डोकलाम मुद्दे की जांच कर रही है समिति

पिछले साल डोकलाम विवाद सुर्खियों में आने के बाद अक्टूबर में विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति ने इस मुद्दे की जांच का फैसला किया था। इसके बाद से करीब छह बैठकें हो चुकी हैं। इस दौरान पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर, मौजूदा विदेश सचिव विजय गोखले और रक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारी समिति के समक्ष पेश होकर जानकारियां दे चुके हैं। ये दौरा जांच का हिस्सा है।

उद्देश्य| चीन से लगे दोनों राज्यों में सीमा के जमीनी हालात समझना चाहते हैं

सूत्रों के अनुसार समिति की दो हफ्ते पहले हुई बैठक में तय हुआ कि चीन सीमा पर मौजूदा जमीनी हालात समझने के लिए सिक्किम और अरुणाचल का दौरा करना चाहिए। समिति देखेगी कि अभी वहां कैसे हालात हैं। सरकार इस दौरे की मंजूरी दे चुकी है। हालांकि, अभी दौरे की अवधि और उसका शेड्यूल तैयार नहीं हुआ है।

समिति मेें अफसरों से पर सवाल पूछने में काफी एक्टिव रहते हैं राहुल गांधी

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल समिति के समक्ष पेश होने वाले अधिकारियों से सवाल पूछने में काफी एक्टिव रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों से पूछा था कि आखिर डोकलाम विवाद पर चीन की मंशा क्या है? विवाद के लिए बीजिंग ने डोकलाम को ही क्यों चुना? उन्होंने डोकलाम के पास चीन की ओर से किए गए निर्माण कार्यों से जुड़ी रिपोर्ट्स पर भी जानकारी मांगी थी। जवाब में अधिकारियों ने कहा था- भारतीय क्षेत्र में चीन कुछ भी नहीं कर रहा है।

बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने कहा, वीआईपी फ्लाइट के पायलटों पर दबाव बढ़ेगा

राहुल के विमान में गड़बड़ी पर पायलटों पर एफआईआर का विरोध

नई दिल्ली | कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गड़बड़ी के मामले में पायलट्स और ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का चार्टर इंडस्ट्री ने विरोध किया है। चुनावी दौरे के लिए गुरुवार को नई दिल्ली से कर्नाटक जाते समय राहुल गांधी का 10 सीटर दसॉल्ट फॉकन 2000 विमान ने तकनीकी खामी के चलते अचानक कई हजार फीट नीचे आ गया था। हालांकि बाद में पायलट ने सेफ लैंडिंग की थी। दिल्ली में जन आक्रोश रैली के दौरान रविवार को राहुल गांधी ने घटना का जिक्र किया था। कांग्रेस ने विमान में खराबी के पीछे अंतरराष्ट्रीय टैंपरिंग की आशंका जताई थी। विमान में सवार राहुल के करीबी कौशल विद्यार्थी ने आरोप लगाया था कि विमान अचानक बाईं ओर झुक गया और झटके लेने लगा। फ्लाइट के दौरान भी झटके लग रहे थे। इस मामले में बिजनस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने कहा है कि नागरिक उड्‌डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ही अकेली ऐसी एजेंसी है जो एयरक्राफ्ट में खराबी की जांच कर सकती है। उसने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। तकनीकी गड़बड़ी के मामले का राजनीतिकरण न किया जाए। एसोसिएशन ने सोमवार को एक बयान में कहा है कि पायलटों ने तय प्रक्रिया के तहत काम किया। ऐसे मामलों पर राजनीति किए जाने से पायलट्स पर वीआईपी फ्लाइट्स के दौरान दबाव बढ़ जाएगा और इससे उड़ान पर बुरा असर पड़ सकता है।

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