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बुद्ध पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजापाठ किया, भंडारा लगा पुण्य कमाया

बुद्ध पूर्णिमा को लेकर शहर के मंदिरों में सोमवार को भीड़ लगी रही। वहीं श्रद्धालुओं ने विभिन्न चौक-चौराहों पर...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:45 AM IST
बुद्ध पूर्णिमा को लेकर शहर के मंदिरों में सोमवार को भीड़ लगी रही। वहीं श्रद्धालुओं ने विभिन्न चौक-चौराहों पर भंडारा लगाकर लोगों को प्रसाद खिला पुण्य कमाया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा, इसके बाद मंदिरों में जाकर पूजा पाठ किया। पूर्णिमा को पूर्ण चंद्रमा का दीदार होता है। सूर्य और चंद्रमा समसप्तक होते हैं। इस तिथि पर जल और वातावरण में विशेष ऊर्जा आ जाती है। गेहूं उठान सीजन के बाद ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह श्रद्धालुअाें ने पूर्णिमा के भंडारे लगाए। पंडित राम कृष्ण पाठक ने बताया कि चंद्रमा इस तिथि के स्वामी होते हैं, पूजा पाठ से हर तरह की मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। इस दिन स्नान, दान और ध्यान विशेष फलदायी होता है।

इस दिन सत्यनारायण देव या शिव जी की उपासना बड़ी संख्या में श्रद्धालु करते हैं। इसलिए विशेष माना जाता है यह दिन इस दिन को दैवीयता का दिन माना जाता है। भगवान बुद्ध का इसी दिन जन्म हुआ था। इसी दिन ब्रह्म देव ने काले और सफेद तिलों का निर्माण भी किया था। इसलिए पूजा पाठ में सफेद तिलों का प्रयोग भी लाभकारी बताया गया है। यज्ञ से लेकर जलाभिषेक तक में तिलों का महत्व है। मंदिरों में भीड़ तो चौक चौराहों पर भंडारा लगाया शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सुबह से ही व्रतधारी और उपासक बैसाख पूर्णिमा पर आराधना करने के लिए पहुंचे। वहीं चौक चौराहों पर श्रद्धालुओं ने भंडारा लगाकर लोगों की सेवा की। आईटीआई चौक पर आईटीआई के बगल एक आर्कीटेक्ट द्वारा भंडारा लगाया गया। इसके अलावा ककरोई चौक, मामा भांजा चौक, मुरथल अड्‌डा सहित विभिन्न कॉलोनियों में लोगों ने प्रसाद वितरित कर पुण्य कमाया है।

रसोई गांव के दादा साध मंदिर में ग्रामीणों ने लगाया भंडारा

राई. दादा साध मंदिर में लगे भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।

गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना

सोनीपत | सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान के लिए निशुल्क यात्रा जत्था रवाना किया गया। शहर की पुरानी तहसील परिसर से तीन बसों में रवाना किए गए इस जत्थे में शहर से काफी संख्या में महिलाएं व पुरुष शामिल हुए। कांग्रेस नेता रवि परूथी ने यात्रा जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा जत्थे को रवाना करने से पूर्व लोगों से रूबरू होते हुए कांग्रेस नेता रवि परूथी ने कहा कि गंगा स्नान का वैसे ही विशेष महत्व होता है। परंतु इस बार बुद्ध पूर्णिमा होने की वजह से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान करने तथा कराने से हजारों पुण्य कर्म करने से भी अधिक फल एक बार में ही प्राप्त होता है। इस मौके पर उनके साथ वीरेंद्र दहिया बिल्लू, विजयपाल, संजय परूथी, सतपाल सिंह, कृष्णा कुमार, महाबीर सिंह, सतीश सरोहा और वेदू प्रधान आदि मौजूद रहे।

राई | रसोई गांव के प्राचीन दादा साध मंदिर में साेमवार को पूर्णिमा के अवसर पर भंडारा लगाया गया। इसमें आसपास के सात गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दिन भर मंदिर में दादा साध की पूजा अर्चना हुई। ग्रामीणों ने दादा साध से परिवार व गांव की सुख समृद्धि की मन्नत मांगी। रसोई गांव के दुलीचंद, प्रीत सिंह, सुखलाल, आजाद खरेटा, रघुबीर नंबरदार, महेंद्र, कृष्ण, एडवोकेट संजय खरेटा, राजकुमार, पूर्व सरपंच सतपाल सिंह ने बताया कि गांव में दादा साध की प्राचीन मान्यता है। दादा साध का मुख्य स्थल दिल्ली के पूठ कलां गांव में है। उनके गांव के लोग भी दादा साध के प्रति गहरी आस्था रखते है। सोमवार को पूर्णिमा के दिन दादा साध मंदिर पर पहले हवन कराया गया। उसके बाद भंडारा लगा। रसोई के अलावा बढ़खालसा, नांगल कलां, प्रीतमपुरा, सेवली, नाथूपुर से भी काफी संख्या में ग्रामीण भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंचे। एडवोकेट संजय खरेटा ने कहा कि गांव में दादा साध का प्राचीन मंदिर था। अब कुछ साल पहले इसका जिर्णोद्धार किया गया था। करीब 35 साल पहले यहां भंडारा लगा था। इसके बाद आज पूर्णिमा पर भंडारा लगाया गया है।