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पेयजल सप्लाई की प्योरिफाई क्लोरिनेशन जांच के घेरे में

जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर वासियों को की जा रही पेयजल सप्लाई की प्योरिफाई क्लोरिनेशन जांच के घेरे में आ गई...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:00 AM IST
जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर वासियों को की जा रही पेयजल सप्लाई की प्योरिफाई क्लोरिनेशन जांच के घेरे में आ गई है। एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग की जांच प्योरिफाई क्लोरिनेशन को आधा अधूरा बता रही है वहीं जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्योरिफाई क्लोरिनेशन नियमानुसार सही की जा रही है। फिलहाल इस बारे में तैयार की जा रही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उसके बाद ही इस बारे में तय हो पाएगा कि टोहाना वासी शुद्ध पानी पी रहे हैं या वे गुपचुप तरीके से रोगों के शिकार हो रहे हैं।

विभाग ने जांच में ये पाया

गर्मी का सीजन शुरू होने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के पास एक आदेश आया कि वे शहर में सप्लाई किए जा रहे पेयजल की प्योरिफाई क्लोरिनेशन की जांच कर रिपोर्ट पेश करें। इस पर नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग के आदेश पर एमपीएचडब्ल्यू रमेश कुमार ने शहर के दो मुख्य जलघरों व चार बूस्टिंग स्टेशनों पर कर जांच प्योरिफाई क्लोरिनेशन के बारे में जांच की।

एसएमओ को दी रिपोर्ट में रमेश कुमार ने बताया कि नहर कॉलोनी स्थित मुख्य जलघर में प्योरिफाई क्लोरिनेशन सही पाई गई जबकि हिसार रोड स्थित जलघर में प्योरिफाई क्लोरिनेशन सही नहीं मिली। इसी प्रकार नागरिक अस्पताल के बाहर स्थित बूस्टिंग स्टेशन पर पाइप लाइन खराब होने से सिस्टम चल नहीं रहा था, पुरानी सब्जी मंडी स्थित बूस्टिंग स्टेशन ठीक मिली वहीं दमकौरा रोड टैंक की सफाई होने के कारण वहां पानी नहीं था जबकि न्यू गुप्ता कॉलोनी के बूस्टिंग स्टेशन पर ताला लगा मिला। किसी भी बूस्टिंग स्टेशन पर क्लोरिनेशन के सिलेंडरों का रिकाॅर्ड भी नहीं मिला।

हिसार रोड स्थित बूस्टिंग स्टेशन पर क्लोरिनेशन की जानकारी देते कर्मचारी बसाऊ राम।

बिना क्लोरिनेशन के ये हो सकते हैं रोग

नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि गर्मी के दिनों में रोगों के फैलने का अधिक खतरा रहता है। अधिकतर रोग पानी के अशुद्ध होने से होते हैं। उन्होंने बताया कि यदि पानी की सही तरीके से क्लोरिनेशन न हो तो उससे लोग पीलिया, टाइफाइड, पेट आदि के रोगों का शिकार हो सकते हैं।

क्लोरिनेशन में मिली हैं खामियां

नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि सीएमओ डॉ. मनीष बांसल ने इस संबंध में एक पत्र देकर जांच के निर्देश दिए थे। जिस पर शहर के सभी जलघरों व बूस्टिंग स्टेशनों पर पेयजल के शुद्धिकरण के लिए की जा रही क्लोरिनेशन की जांच की गई। जहां पर कुछ खामियां पाई गई हैं। इस बारे में वे एक रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों व जनस्वास्थ्य विभाग को भेजेंगे। आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों द्वारा की जाएगी।

नियमानुसार की जा रही है क्लोरिनेशन