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दो को रोजगार दिलाने के नाम पर ठगा, पैसे वापसी के लिए जो चेक दिए वे भी हो गए बाउंस

भाजपा का एग्जीक्यूटिव मेंबर बताकर कहा कोई नेता व अधिकारी मेरी बात नहीं टालता गधौली निवासी कुलदीप ने पुलिस को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:50 AM IST

दो को रोजगार दिलाने के नाम पर ठगा, पैसे वापसी के लिए जो चेक दिए वे भी हो गए बाउंस
भाजपा का एग्जीक्यूटिव मेंबर बताकर कहा कोई नेता व अधिकारी मेरी बात नहीं टालता

गधौली निवासी कुलदीप ने पुलिस को बताया कि वह सरस्वतीनगर के आदर्श नगर निवासी परमजीत शर्मा और उसकी प|ी ज्योति शर्मा को लंबे समय से जानता है। एक दिन परमजीत कहने लगा कि वह भाजपा का एग्जीक्यूटिव मेंबर है। वह उसके बेटे को पब्लिक हेल्थ विभाग के ट्यूबवेल आपरेटर लगवा देगा। उसने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपए मांगे। 2.95 लाख रुपए में बात पक्की हो गई। परमजीत ने उन्हें पंचकूला मेें कागजात लेकर बुलाया। उन्होंने कागजात परमजीत को दे दिए। पांच अक्टूबर 2016 को 50 हजार उन्होंने परमजीत को नकद दिए। वहीं अन्य रकम अलग-अलग दिन चेक से दी गई। 2.95 लाख रुपए देने के बाद भी नवंबर 2017 तक उसके बेटे को नौकरी नहीं लगवाया और कहने लगा कि फार्म कैंसिल हो गया। इस पर परमजीत और उसकी प|ी से पैसे वापस मांगे, लेकिन उन्होंने पैसे नहीं दिए। उल्टा उन्हें धमकाने लगे। इस पर उन्होंने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने दंपती पर केस दर्ज कर लिया है। उधर, भाजपा के सरस्वतीनगर मंडल के प्रधान रणधीर राणा का कहना है कि परमजीत शर्मा उनकी पार्टी में नहीं है। वह लोगों को गुमराह कर उनसे पैसे ऐंठ रहा है।

आंगनबाड़ी वर्कर से मिल ठगे ढाई लाख, खुद को बताया सचिवालय में क्लर्क

करनाल के गांव टपरियां निवासी रवि सैनी ने बताया कि गांव अकबरपुर में उसके मामा हैं। यहां उसकी मुलाकात गांव दराजपुर निवासी रवि उर्फ सागर के साथ हुई। उसने कहा कि मेरे पिता सुनील उसे सरकारी नौकरी लगवा देंगे। सुनील ने बताया कि वह हरियाणा सचिवालय में क्लर्क है। और उसे रोडवेज मेें फीडर लगवा देगा। इसके लिए ढाई लाख रुपए खर्च आएगा। डेढ़ लाख रुपए लेकर रवि उर्फ सागर और उसके पिता सुनील ने चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के नाम लिखे पत्र पर साइन कराए और वे उसे ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आफिस ले गए। वहां पर उन्हें आंगनबाड़ी वर्कर संतोष मिली। कुछ देर बाद उन्होंने उसे कमिश्नर की मोहर लगे एक लेटर की फोटो कॉपी दी। इसके बाद वे पंचकूला में संतोष के क्वार्टर पर उसे लेकर गए और कहने लगे कि जल्द ही उसका इंटरव्यू हो जाएगा। उसकी नौकरी पक्की। वे और पैसे मांगने लगे, लेकिन उसने नौकरी के बाद पैसे देने की बात कही। इसके बाद उन्होंने उसे निदेशक हरियाणा राज्य परिवहन का लेटर देकर कहा कि यमुनानगर जीएम उसका इंटरव्यू लेंगे। वे उसे यमुनानगर बस स्टैंड पर ले गए और वहां पर बाहर खड़ा कर खुद अंदर चले गए। बाद में आए तो जीएम रोडवेज की मोहर लगे कागज की फोटो कॉपी दे दी। इसके बाद उसने उन्हें एक लाख रुपए और दे दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही उसका इंटरव्यू करा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं कराया। उन्होंने पैसे मांगे तो रवि उर्फ सागर और सुनील ने एक लाख रुपए का चेक उसे दिया। वह चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया। परेशान होकर उसने शिकायत पुलिस को दी। बाद में पता चला कि सुनील पहले भी कई लोगों को ठग चुका है और पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है।

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