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एएनएम-जीएनएम का साढ़े 3 साल का कोर्स, 4 साल हो गए क्लास लगाते, अब एक साथ होंगी परीक्षाएं

जिले में सात कॉलेज, सभी बंद होने की कगार पर भास्कर न्यूज | यमुनानगर साढ़े तीन साल के एएनएम-जीएनएम कोर्स के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:00 AM IST

एएनएम-जीएनएम का साढ़े 3 साल का कोर्स, 4 साल हो गए क्लास लगाते, अब एक साथ होंगी परीक्षाएं
जिले में सात कॉलेज, सभी बंद होने की कगार पर

भास्कर न्यूज | यमुनानगर

साढ़े तीन साल के एएनएम-जीएनएम कोर्स के लिए चार साल से क्लास ले रहे स्टूडेंट्स अब परीक्षा देंगे। उन्हें तीनों साल की परीक्षाएं एक साथ देनी होंगी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने एएनएम-जीएनएम की परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी। 20 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू होंगी। इससे प्रदेश के 14 हजार स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म हुआ है।

ये स्टूडेंट्स परीक्षाओं को लेकर सड़क से लेकर सीएम आवास पर प्रदर्शन कर चुके हैं। साल 2017 में यमुनानगर के स्टूडेंट्स हाईकोर्ट चले गए थे। सरकार ने साल 2011-12 से 2016-17 के बैच की परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी। जारी शेड्यूल में 20 अप्रैल से एक मई तक तीनों साल की परीक्षाएं देनी होंगी। नौ अप्रैल से रोल नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं 15 अप्रैल को परीक्षा सेंटरों की लिस्ट जारी होगी। जून के पहले सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित करने की बात कही गई है।

यमुनानगर में सात नर्सिंग स्कूल हैं। इनमें शिक्षाग्रहण कर चुके करीब दो हजार स्टूडेंट्स साढ़े तीन साल से परीक्षा के लिए भटक रहे थे। नर्सिंग स्कूल एसोसिएशन के सीनियर पदाधिकारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि पिछले कई साल से परीक्षाएं न होने से नर्सिंग स्कूल ठप हो गए हैं। पहले हिमाचल प्रदेश, यूपी समेत अन्य राज्यों के युवा हरियाणा मेें नर्सिंग करने आते थे, लेकिन अब यहां से युवा दूसरे राज्यों में जा रहे हैं।

सरकार ने बात नहीं सुनी तो हाईकोर्ट से उम्मीद बची थी: हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले चेतन, नीतू रानी ने बताया कि उन्होंने साल 2014 मेेें एडमिशन लिया। पहले साल की परीक्षाएं अक्टूबर 2016 में हुईं। इसके बाद कोई परीक्षा नहीं हुई। पहले साल की परीक्षाओं में जो स्टूडेंट्स पास नहीं हो पाए, उनकी भी परीक्षाएं नहीं ली गईं। उन्होंने प्रदर्शन किए, डीसी, स्वास्थ्य मंत्री, सीएम सभी को मांग पत्र दिए, लेकिन उनकी कहीं किसी ने नहीं सुनी। दस दिन में तीन-तीन साल की परीक्षाएं एक साथ लेना स्टूडेंट्स के लिए अन्याय है।

कैसे देंगे एक साथ परीक्षाएं

स्टूडेंट चेतन ने बताया कि फर्स्ट ईयर में उनकी चार पेपर हुए। दो में वह फेल हो गया। रिअपीयर के दो, सेकेंड ईयर और फाइनल ईयर के तीन-तीन पेपर उसे देने पड़ेंगे। गुरविंद्र ने बताया कि एक साथ तीन साल के पेपर देना बड़ा मुश्किल है। सरकार ने जो डेटशीट जारी की है, उसमें तो स्टूडेंट्स को रिवीजन का मौका ही नहीं मिलेगा।

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