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सभी गांवों में वर्क अलॉट, 3 महीने बाद 24 घंटे बिजली

जिले में हर घर को 24 घंटे बिजली देने की योजना पर बिजली निगम द्वारा तेजी से काम किया जा रहा है। इसके तहत अब सभी गांवों...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:00 AM IST
जिले में हर घर को 24 घंटे बिजली देने की योजना पर बिजली निगम द्वारा तेजी से काम किया जा रहा है। इसके तहत अब सभी गांवों में वर्क अलॉट हो गए हैं। जिनमें बिजली निगम ने कार्य भी शुरू करवा दिया है। दो से तीन महीने के अंदर यह सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस समय में सभी गांवों में बिजली निगम द्वारा आवश्यकता अनुसार खंभों व ट्रांसफार्मर को बदलने व नई लाइन का कार्य पूरा किया जाएगा। इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।

जिले के 32 फीडर्स पर म्हारा गांव जगमग गांव योजना का कार्य पूरा हुआ है। इन पर यमुनानगर सर्कल के 249 गांव पड़ते हैं। इन गांवों में योजना से पहले लाइन लॉस 80 प्रतिशत था। बिजली की आपूर्ति भी इन गांवों में 12 से 13 घंटे होती थी। अब योजना का कार्य पूरा होने से इन गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। लाइन लॉस भी घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह गया है। यह लाइन लॉस भी बिजली चोरी का नहीं है। बल्कि टेक्निकली प्रोब्लम (जंपर उड़ना, ट्रांसफार्मर में फाल्ट आदि) का है। हालांकि यमुनानगर सर्कल में अम्बाला जिले के नारायणगढ़ का एरिया भी पड़ता है। म्हारा गांव जगमग योजना के तहत अम्बाला जिले के 22 फीडर व यमुनानगर जिले के नौ फीडर हैं। जिन पर योजना का कार्य पूरा हो चुका है। इसमें अम्बाला जिले के 210 गांव व यमुनानगर के 39 गांव हैं। अब इन गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है।

600 गांवों में होगा सिस्टम अपग्रेडेशन का काम

बिजली निगम की ओर से पहले 59 फीडर म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत चुने गए थे। इनमें से 31 फीडर पर कार्य पूरा हो चुका है। जबकि शेष 28 फीडर के गांवों में सिस्टम को अपग्रेड करने का कार्य चल रहा है। अब बिजली निगम ने जिले के सभी गांवों में कार्य शुरु करा दिया है। इसके तहत वर्क ऑर्डर भी हो चुके हैं। अब जिले के 600 गांवों में यह कार्य चलेगा। दो से तीन महीने के अंदर यह कार्य पूरा होने की उम्मीद है। गांवों में होने वाले कार्यों के तहत नई लाइन डालना, ट्रांसफार्मर बदलना व क्षमता बढ़ाना और घरों के बाहर मीटर लगाना शामिल है।

अभी गांवों में 12-14 घंटे बिजली

जिले में इस समय बिजली निगम के पौने चार लाख उपभोक्ता हैं। इनमें तीन लाख घरेलू, 46 हजार कॉमर्शियल, 7500 औद्योगिक व 4500 ट्यूबवेल कनेक्शन हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत एग्रीकल्चर में करीब 18 लाख यूनिट, रुरल में करीब 15 व शहर में करीब 25 लाख लाख यूनिट की हो जाती है। इंडस्ट्रीज में भी करीब पांच लाख यूनिट की खपत गर्मियों में होती है। जबकि सर्दियों के मौसम में यह खपत करीब 50 प्रतिशत तक रहती है। शहर में फिलहाल 24 घंटे बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही है। जबकि रुरल के एरिया में अभी शेड्यूल के तहत बिजली मिल रही है। यह 12 से 14 घंटे ही है।