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नहरी व खनन विभाग नियमों की चिट्ठी में व्यस्त खनन ठेकेदार खोद रहे यमुना के किनारे

ताजेवाला से लेकर गुमथला तक यमुनानदी के अंदर खनन ठेकेदार व माफिया द्वारा तय नियमों को तोड़कर अपने तरीके से पत्थर व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:00 AM IST

नहरी व खनन विभाग नियमों की चिट्ठी में व्यस्त खनन ठेकेदार खोद रहे यमुना के किनारे
ताजेवाला से लेकर गुमथला तक यमुनानदी के अंदर खनन ठेकेदार व माफिया द्वारा तय नियमों को तोड़कर अपने तरीके से पत्थर व रेत का खनन करने का खेल जारी है। जिम्मेदार विभागों के अधिकारी एक दूसरे को चिट्ठी लिखकर अपनी फाइल भले ही पूरी कर रहे हैं पर धरातल पर देखें तो नदी की चिंता किसी को नहीं है। यही कारण है कि ठेका कंपनियां जमकर मनमानी कर रही हैं। नदी के किनारों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

इस तरह बेतरतीब तरीके से हो रहे खनन से बरसात के दिनों में बाढ़ के पानी से ग्रामीणों की परेशानी बढ़नी तय है। इस बात को सिंचाई विभाग भी मान रहा है। सिंचाई विभाग (दादूपुर डिवीजन) के एक्सईएन व एसडीओ ने इस बारे में कई पत्र खनन विभाग को लिखे हैं। इसमें उन्होंने कहा है कि खनन ठेकेदार नदी के किनारों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे बाढ़ के दौरान संकट पैदा हो जाएगा। ठेकेदारों को ऐसा करने से रोका जाए। लेकिन इस बारे में खनन विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। खनन विभाग का कहना यह काम नहरी विभाग का है। वह खुद कार्रवाई करे।

यमुना प्रवाह क्षेत्र में अस्थाई बांध व पुल बनाए : अपने पत्र में सिंचाई विभाग ने खनन विभाग को बताया है कि खनन क्षेत्र मे कई स्थानों पर ठेकेदारों ने नदी की धारा को अपनी सुविधा अनुसार अस्थाई बांध बनाकर मोड़ दिया है। सीमेंट के पाइप डालकर अस्थाई पुल बनाए हैं। यह नियमों के विरूद्ध है। बगैर उचित अनुमति के ऐसा करना एक्ट के खिलाफ है। लेकिन इसके बाद यह सब जारी है। गुमथला में आज भी ऐसे पुल बने हुए हैं और इनसे हर दिन सैकड़ों रेत से भरे ट्रक गुजर रहे हैं।

अर्थमूविंग मशीन व पोपलेन का हो रहा है जमकर प्रयोग : सरकारी नियम के अनुसार यमुना नदी में खनन कार्य सिर्फ फावड़ा व तसला से ही हो सकता है। लेकिन यहां खनन प्वाइंट्स पर जमकर जेसीबी व पोपलेन मशीनों से खुदाई का काम चल रहा है। अधिकारी भी दौरे पर जाते हैं पर कोई कुछ नहीं कर रहा। वहीं गुमथला के एक प्वाइंट पर तैनात खान के मुंशी ने बताया कि यदि मशीन से खुदाई नहीं होगी तो खर्चा भी नहीं निकलेगा। ठेका बहुत महंगा है।

खनन विभाग का तर्क- यह काम नहरी विभाग का, वह कार्रवाई करे

यमुनानगर | इस तरह से पहुंचाया जा रहा नदी के किनारों को नुकसानञ

ताजेवाला एरिया में अवैध माइनिंग चल रही है। इस बारे में मैंने पुलिस विभाग को पत्र लिखकर लाल टोपी एरिया में पुलिस चौकी की मांग की है। वहीं नदी में गलत तरीके से किनारों पर खुदाई व अस्थाई पुल बनाने की जानकारी खनन विभाग को पत्र भेजकर कई बार दी गई है। ठेका खनन विभाग ने दिया है। इसलिए उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। विनोद, एक्सईएन सिंचाई विभाग, दादूपुर डिवीजन

सिंचाई विभाग को दूसरे विभागों को पत्र नहीं लिखना चाहिए। एक्ट के अनुसार यदि कोई नदी की धारा को नुकसान पहुंचाता है तो सिंचाई विभाग खुद कार्रवाई करने में सक्षम है। सिंचाई विभाग को यदि कुछ गलत दिखता है तो वह एफआईआर करवाए। जीएस संधू, जिला खनन अधिकारी

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