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डिलीवरी के 3 दिन बाद महिला की मौत, उपचार में लापरवाही का अारोप

विस स्पीकर के गांव बहादुरपुर की रेखा ने डिलीवरी के तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। पति ने प|ी की मौत के लिए खिजराबाद के...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:35 PM IST
डिलीवरी के 3 दिन बाद महिला की मौत, उपचार में लापरवाही का अारोप
विस स्पीकर के गांव बहादुरपुर की रेखा ने डिलीवरी के तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। पति ने प|ी की मौत के लिए खिजराबाद के सरकारी अस्पताल के स्टाफ पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि अस्पताल में डिलीवरी डॉक्टर की देखरेख में नहीं हुई। नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने डिलीवरी की। इसके कारण उसकी प|ी को इंफेक्शन हो गया। इसी वजह से बाद में उसकी मौत हो गई। शिकायत के बाद स्पीकर ने महिला की मौत के मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने जबरन की डिलीवरी

बहादुरपुर के रहने वाले प्रवीन ने बताया कि उसकी प|ी गर्भवती थी। 31 दिसंबर को वह उसे खिजराबाद के सरकारी अस्पताल में ले गया। वहां पर डॉक्टर नहीं था। उनका आरोप है कि नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने जबरदस्ती डिलीवरी की। तीन दिन उसे वहां पर रखा गया और तीन जनवरी को घर भेज दिया गया। घर जाते ही रात के समय पेट में दर्द होने लगा। रात को ही वह उसे लेकर खिजराबाद अस्पताल में गया तो वहां पर मौजूद स्टाफ ने दो इंजेक्शन लगाकर उन्हें वापस घर भेज दिया। घर पर कुछ देर बाद फिर से दर्द होने लगा। प्रवीन ने बताया कि दर्द होने पर वह दोबारा अपनी प|ी को लेकर खिजराबाद अस्पताल में गया। वहां से उन्हें यमुनानगर ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में कुछ देर रखकर कहा कि हालत ज्यादा खराब है या तो किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाएं या फिर पीजीआई में। वे रेखा को मुलाना मेडिकल कॉलेज में ले गए। वहां पर इलाज के दौरान उनकी प|ी की मौत हो गई।

रुक नहीं रही लापरवाही

डिलीवरी के दौरान लापरवाही रुक नहीं रही है। हर माह लापरवाही से डिलीवरी के दौरान मौत होने का मामला सामने आ रहा है। इस तरह के ज्यादातर मामलों में डॉक्टर की गैर मौजूदगी में नर्स या अन्य स्टाफ द्वारा डिलीवरी करने की बात सामने आ चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे नहीं रोक पा रहे हैं। खिजराबाद के सरकारी अस्पताल में कोई भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है।


दूसरी डिलीवरी थी

प्रवीन ने बताया कि उसकी प|ी की यह दूसरी डिलीवरी थी। पहले भी लड़का हुआ था और इस बार भी लड़का। उनका कहना है कि उन्होंने प|ी के शव का बिना पोस्टमार्टम कराए संस्कार कर दिया था। क्योंकि मौत के बाद उन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था।

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