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गोदाम चावल से फुल, खरीदा 3 लाख 70 हजार गेहूं अनाज मंडियों के फड़, औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों, राइस मिल्स में खुले में किया स्टोर

Yamunanagar News - जिले में पिछले साल की तुलना में इस साल भले ही गेहूं की खरीद कम रही है पर इसके भंडारण की समस्या पिछले साल से ज्यादा...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:51 AM IST
Yamunanagar News - haryana news full storey godown rice bought 3 lakh 70 thousand wheat cereal flags roads in industrial area open shop in rice mills
जिले में पिछले साल की तुलना में इस साल भले ही गेहूं की खरीद कम रही है पर इसके भंडारण की समस्या पिछले साल से ज्यादा विकट बनी हुई है। हरियाणा वेयर हाउसिंग, हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम पहले से चावल व पिछले साल खरीदे गए गेहूं से भरे हुए हैं। ऐसे में इस साल खरीदा गया तीन लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का भंडारा खुले में किया जा रहा है। इस गेहूं को रखने के लिए अनाज मंडियों में शेड व पक्के फड़ कम पड़ गए हैं। इस कारण इसे डीसी के हस्तक्षेप के बाद खाली पड़े मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों व राइस मिलों के पक्के फड़ों पर स्टॉक किया गया है। खुले में रखे इस गेहूं की चोरों व आवारा जानवरों से रखवाली करना भी एक बड़ा मुद्दा है। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2010 में भी ऐसे ही हालात बने थे, जब सौ फीसदी गेहूं खुले में स्टोर किया गया था।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह हालात एफसीआई द्वारा डिमांड न भेजने से पैदा हुए हैं। जिले के गोदामों में रखा 50 हजार नौ सौ एमटी चावल करीब एफसीआई को सप्लाई किया जाना है। अभी तक इसकी डिमांड नहीं आई है। इस कारण यह सरकारी गोदामों व राइस मिल के गोदामों में बंद है। अधिकारियों का कहना है कि चावल को खुले में स्टोर नहीं किया जा सकता। इसलिए गेहूं को खुले में स्टोर करना मजबूरी है।

पिछले साल 60 फीसदी खुले में स्टोर करना पड़ा था

वर्ष 2018 में जिले की मंडियों में करीब तीन लाख 76 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। लेकिन तब गोदामों में कुछ स्थान खाली था। चावल की सप्लाई होने से यह स्थान रिक्त हुआ था, लेकिन तब भी 60 फीसदी गेहूं को खुले में स्टोर करना पड़ा था। इसका कारण गोदामों की कमी बताई गई है। पूरे जिले में सरकारी तौर पर अनाज भंडारण के लिए कवर्ड गोदाम की क्षमता दो लाख 14 हजार मीट्रिक टन स्टोर करने की है।

खुले में अनाज स्टोर करने में लकड़ी के क्रेट की समस्या आठ हजार मांगे मिले 850 ही, 3 हजार किराए पर लिए

अधिकारियों के लिए खुले में गेहूं का भंडारा करना भी बड़ी समस्या है। पहले तो पक्के फड़ की काफी कमी है। इसे दूर करने के लिए औद्योगिक एरिया की सड़कों का सहारा लिया गया, लेकिन अब लकड़ी के क्रेट नहीं मिल रहे जिन पर गेहूं का स्टाक किया जाना है। डीएफसी द्वारा सरकार से आठ हजार क्रेट की डिमांड की गई थी, लेकिन सिरसा से अभी तक 850 क्रेट की ही सप्लाई हो सकी है। मजबूरी में विभाग को तीन हजार क्रेट राइस मिलर्स से किराए पर लेने पड़े हैं।

पिछले साल से इन मंडियों में कम हुई खरीद

मंडी 2018 2019

खिजराबाद 73790 65000

छछरौली 52900 50560

बिलासपुर 30000 31500

(नोट- खरीद मीट्रिक टन में है।)

एफसीआई उठाए कदम तो सुधरें हालात:

गेहूं खरीद से जुड़े अधिकारियों की मानें तो पूरे प्रदेश में गेहूं भंडारण की समस्या है। हर जगह 80 फीसदी तक गेहूं खुले में स्टोर है। इसके लिए जरूरी है कि जो गेहूं व चावल राष्ट्रीय नीति से अधिक स्टॉक है उसे या तो निर्यात किया जाए या फिर खुले बाजार में बेचा जाए।


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