तेंदुए की मौत मामले में कई जानकारी छुपाने से वन अधिकारियों पर उठ रहे हैं सवाल

Yamunanagar News - साढौरा के उत्तमवाला के जंगल में मृत मिले युवा तेंदुए के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद विभाग के अधिकारी भले ही इसे दो...

Jul 14, 2019, 08:05 AM IST
साढौरा के उत्तमवाला के जंगल में मृत मिले युवा तेंदुए के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद विभाग के अधिकारी भले ही इसे दो जानवरों के बीच की लड़ाई का मामला बता रहे हैं मगर आमजन के मन में तेंदुए की मौत को लेकर कई सवाल हैं। जंगल के जानकारों का कहना है कि अगर यह दो जंगली जानवरों के बीच टेरिटोरियल फाइट है, तो दूसरा जानवर भी घायल हुआ होगा, लेकिन वह कहां और किस हाल में है विभाग के अधिकारी इसका पता नहीं कर रहे हैं।

ऐसे में दूसरे घायल लेपर्ड की भी जान को खतरा हो सकता है। वन्य प्राणी विभाग द्वारा मृत तेंदुए को छतबीड़ ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में गुपचुप तरीके से उसका पोस्टमार्टम बिलासपुर में ही कराया गया। वहीं इसकी जानकारी से मीडिया को दूर रखना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।

जंगल के हिंसक जानवरों का आबादी की ओर आने की असल वजह क्या हो सकती है, विभाग के अधिकारी इस पर भी अध्ययन नहीं कर रहे हैं।

क्यों की हजारों एकड़ एरिया में फैले कलेसर नेशनल पार्क में आजकल जानवरों के लिए भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध है। लेपर्ड व टाइगर का पसंदीदा भोजन सांभरों की भी यहां पर अच्छी संख्या है। फिर भी लेपर्ड जंगल से बाहर क्यों निकल रहे हैं, इसके पीछे वजह क्या है इसे अधिकारी छुपा रहे हैं।

तब अधिकारियों ने नकार दी थी तेंदुए की मौजूदगी : एक सप्ताह पूर्व भी साढौरा के जंगलों से निकल कर आबादी की ओर तेंदुआ का दो शावकों के साथ विचरण करने की सूचना ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग को दी थी। लेकिन विभागीय टीम ने गांव के आसपास का दौरा कर बताया था कि उक्त एरिया में तेंदुए के कहीं कोई मौजूदगी के चिन्ह नहीं मिले हैं।

लेकिन कुछ ही दिन बीतने के बाद मानव बस्ती की ओर मृत तेंदुए का मिलना ग्रामीणों की आशंकाओं को सच साबित करता है। वन्य प्राणी विभाग के मंडलीय अधिकारी शिव सिंह ने बताया कि तेंदुए की मौत की असल वजह दो जानवरों की आपसी भिड़ंत है। उन्होंने बताया कि घायल होने के बाद जानवर इस ओर पहुंच गया, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर जानवर की मौत टेरिटोरियल फाइट के कारण हुई है तो दूसरा घायल जानवर अब किस हाल में और कहां है, विभाग ने यह पता लगाने की कोई कोशिश ही नहीं की।

पोस्टमार्टम के समय वीडियोग्राफी कराना जरूरी

किसी भी जंगली जानवर की मौत पर उसे दफनाने से पूर्व पोस्टमार्टम व फोटोग्राफी कराना जरूरी होता है। जानवर के सभी जरूरी अंगों का ब्योरा तैयार किया जाता है। पोस्टमार्टम के बाद जानवर को जलाकर शेष बचे अवशेषों को जमीन में दफना दिया जाता है। लेकिन लेपर्ड की मौत के बाद पोस्टमार्टम किस जगह पर किया जा रहा है, इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। मृत जानवर का फोटो तक भी उपलब्ध नहीं कराया गया। ग्रामीणों का आशंका है कि कहीं शिकारी के फंदे में घायल होने से लेपर्ड के पैर में कीड़े न पड़े हों। लेकिन वह किसी तरह से शिकारी से बचा रहा हो।

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