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पुलिस कह चुकी थी हमारे हाथ में कुछ नहीं, एसपी के आदेश पर केस दर्ज कर दफनाए बच्चों के शव निकलवा पोस्टमार्टम कराया

2 वर्ष पहले
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चिट्टा मंदिर के पास टाॅयलेट के गड्ढे में गिरने से सगे भाइयों दक्ष (6) और यश (3) की मौत मामले में पुलिस ने मकान मालिक मोतीलाल और उसके भाई पर केस दर्ज किया है।

केस दर्ज कराने के लिए 4 दिन पहले मृतक बच्चों के पिता ज्ञान सिंह ने सदर यमुनानगर थाने में शिकायत दी थी तब पुलिस ने उन्हें घटना की रात बिना पोस्टमार्टम शव लेने और हंगामा करने का हवाला देकर कहा कि इस मामले में केस दर्ज करना उनके हाथ में नहीं रहा। इस पर पीड़ित परिवार मंगलवार को एसपी से मिला। एसपी कुलदीप सिंह यादव ने परिवार की पीड़ा समझते हुए इसमें केस दर्ज करने के आदेश दिए और बच्चों का पोस्टमार्टम कराने का भी फैसला लिया। सदर यमुनानगर पुलिस ने मकान मालिक और उसके भाई पर केस दर्ज कर बुधवार को दफनाए बच्चों को कब्र से निकाला गया। इसके बाद उनका सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह कार्रवाई हुई।

एक अगस्त को खेलते समय गली में बने गड्ढे में गिर गए थे दोनों बच्चे

मां नहीं चाहती थी बच्चों के शवों को चीरा जाए, अब कब्र से निकाले गए

कब्र खोदकर दोनों बच्चों के शव को ले जाते परिजन।

टाॅयलेट के गड्ढे में गिरने से दो मासूमों की मौत मामला, परिजन बिना पोस्टमार्टम उठा ले गए थे शव

ज्ञान सिंह ने अब पुलिस को शिकायत दी है कि उसके मकान के उत्तर की ओर मोतीलाल का मकान है। उसके मकान का टाॅयलेट का गड्ढा गली में बना हुआ है। वह गड्ढा करीब 7 फीट गहरा है। उसने कई बार मोतीलाल को कहा था कि उस गड्ढे को बंद करा दे लेकिन उसने बंद नहीं कराया। एक अगस्त को उसका बेटा दक्ष और यश खेलते समय उस गड्ढे में गिर गए थे। वे बच्चों को निकाल कर सिविल अस्पताल ले गए थे। उसकी प|ी सीमा गर्भवती है। तब उसकी प|ी ने कहा था कि वे बच्चों के शवों में चीर-फाड़ नहीं कराना चाहते। उन्हें यह लगता था कि पोस्टमार्टम के दौरान शवों की चीरफाड़ कर कुछ पार्ट्स निकाल लिए जाते हैं इसीलिए वे बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए थे और दफना दिए थे। उसके बच्चों की मौत मोतीलाल की लापरवाही से हुई है इसलिए उस पर और उसके भाई के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। सदर यमुनानगर पुलिस ने इस मामले में धारा-304ए में केस दर्ज किया है।

मकान मालिक ने 8 लाख में खरीदा है मकान| यह मकान मोतीलाल ने कुछ माह पहले ही खरीदा है। उसने 8 लाख रुपए में खरीदा है। मोतीलाल ने मकान में ही टाॅयलेट के गड्ढे बनाए हुए हैं, लेकिन गली में बना गड्ढा बंद नहीं किया था।

मकान मालिक मोतीलाल व उसके भाई पर केस दर्ज कर लिया है। बच्चों के शव निकलवा कर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। सुखबीर सिंह, एसएचओ सदर यमुनानगर।

पहले न दी शिकायत, न कराया पोस्टमार्टम

एक अगस्त को रात के समय चिट्टा मंदिर के पास कॉलोनी में दो बच्चे गली में बने टॉयलेट के गड्ढे में गिर गए थे। दोनों की मौत हो गई थी तब परिवार के लोग सिविल अस्पताल से ही रात दो बजे जबरदस्ती शव ले गए थे। तब उन्होंने न तो मकान मालिक के खिलाफ कोई शिकायत दी थी और न ही पोस्टमार्टम कराया था। अगले दिन शवों का संस्कार कर दिया गया था। तब परिवार ने कहा था कि यह अचानक हुआ हादसा है। इसमें किसी की गलती नहीं है। बच्चों के परिवार की आर्थिक हालत काफी कमजोर है। उनका पिता हेयर सैलून चलाता है। वहीं बच्चों की मां आठ माह की गर्भवती है।

गड्ढा आज तक खुला, कोई अिधकारी नहीं पहुंचा बंद कराने| जिस गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई, वह आज भी खुला है। कोई भी अधिकारी न तो इस गड्ढे को बंद कराने पहुंचा और न ही मकान मालिक ने खुद किया। लोगों का कहना है कि अगर अधिकारी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करें और लोगों की जान की परवाह करें तो इस तरह के हादसे न हों। यहां मेयर मदन चौहान खुद आकर गए थे लेकिन इसके बाद भी गड्ढा बंद नहीं हुआ। गड्ढा बंद करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है क्योंकि यह कॉलोनी नगर निगम के एरिया में है।

अब मकान मालिक और उसके भाई पर एफआईआर

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