- Hindi News
- Local
- Haryana
- Ambala
- Ambala News Haryana News Application To Corporation Of Millionaire Ambala Club Give Us Property Tax Waivers Like Orphan Ashram Dharamshala And Danashala
करोड़पति अम्बाला क्लब की निगम को अर्जी; अनाथ आश्रम, धर्मशाला व दानशाला की तरह हमें भी प्रॉपर्टी टैक्स माफी दो
पिछले साल करीब एक करोड़ की आय दिखाने वाले अम्बाला क्लब ने नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स माफी की अर्जी लगाई है। जिसमें 11 अक्टूबर 2013 की नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए धार्मिक संस्था, धर्मशाला, अनाथ आश्रम, दानशाला व अंतिम संस्कार ग्राउंड की तरह 100 फीसदी रिबेट मांगी है। नोटिफिकेशन में म्युनिसिपल की बिल्डिंग, स्टेट व सेंटर गवर्नमेंट के शिक्षण संस्थान व सरकारी अस्पताल को भी छूट देने की बात है। क्लब के चेयरमैन अरविंद सिकरी की अर्जी में लिखा है कि क्लब का मालिक नगर निगम है। डीसी प्रेजीडेंट हैं और क्लब के बिजली व टेलीफोन के बिल भी प्रेजीडेंट व नगर निगम के नाम आते हैं। क्लब की तरफ पिछले 10 साल का करीब 22.8 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। हालांकि क्लब ने अपनी अर्जी ने 18.86 लाख के टैक्स का जिक्र किया है। क्लब 26 जनवरी 1969 से है।
{2013 की नोटिफिकेशन का हवाला जिसमें म्युनिसिपल बिल्डिंग को भी छूट का प्रावधान
{चेयरमैन ने लिखा क्लब का मालिक निगम, बिजली-टेलीफोन बिल भी उसी के नाम
10 दिन में नियम दिखाओ, नहीं तो जमा कराओ: रोहताश
अम्बाला क्लब के प्राॅपर्टी टैक्स में रिबेट की अर्जी काे लेकर नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर रोहताश बिश्नोई ने सुनवाई की। क्लब के चेयरमैन अरविंद सिकरी तथा महासचिव पवन चुघ इस दौरान मौजूद थे। बिश्नोई ने चेयरमैन सिकरी से रिबेट के लिए क्लब के नियम व शर्तें दिखाने के लिए कहा। बिश्नाेई ने कहा कि 10 दिन में डाॅक्यूमेंट दिखाएं नहीं ताे पूरा टैक्स भरें।
नगर निगम इतना सख्त...133 साल पुरानी देव समाज जैसी संस्था का स्कूल भी सील किया
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सिटी नगर निगम व कैंट नगर परिषद कितना सख्त हो रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि सिटी में देव समाज गर्ल्स सीसे स्कूल भी सील कर दिया। स्कूल ने 14 लाख के प्रॉपर्टी टैक्स में से 3.58 लाख की किस्त चुकाई तभी सील खुली। इसके अलावा 20 स्कूलों को भी नोटिस दिए गए हैं। बता दें कि 1887 में शुरू हुई देव समाज संस्था ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई संस्थान शुरू किए थे।
इधर } फीनिक्स क्लब भी निगम की लीज पर, अफसर ही पदाधिकारी फिर भी चुकाया 27.68 लाख टैक्स
{ अम्बाला के सबसे अमीर सेंट्रल फीनिक्स क्लब ने भी इसी 5 मार्च को 27.68 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स चुकाया है। हालांकि इसके लिए निगम को सीलिंग कार्रवाई करनी पड़ी।
{ अम्बाला क्लब की तरह फीनिक्स में भी कमिश्नर प्रेजीडेंट, डीसी व एसपी सीनियर वाइस प्रेजीडेंट हैं जबकि एडीसी व एसडीएम मानद पदाधिकारी होते हैं।
{ क्लब के करीब 900 सदस्य हैं, 400 रुपए मासिक शुल्क है।
{ अम्बाला क्लब की तरह फीनिक्स के पास आय के लिए दुकानें या कॉमर्शियल साइट नहीं है। क्लब का ग्राउंड जरूर सामाजिक समारोहों के लिए किराये पर दिया जाता है।
तर्क 1 : क्लब की इनकम का कोई साधन नहीं है। सिर्फ सदस्यता फीस के सहारे खर्च चलाना मुश्किल हो रहा।
हकीकत { क्लब परिसर में 10 दुकानें बनी हैं, जिनका करीब 60 हजार रुपए किराया क्लब को मिलता है।
{ क्लब की सड़क की ओर की दीवार होर्डिंग व एडवरटाइजमेंट के लिए मैसर्ज इवेंट्स कॉरपोरेशन को 11 लाख
रुपए में दो साल के लिए लीज पर दे रखी है।
{ क्लब में मोबाइल कंपनियों के दो टावर लगे हैं जिनसे 40 हजार किराया आता है।
{ क्लब के 800 सदस्यों से हर माह 300 से 350 रुपए शुल्क लिया जाता है।
{ जिम से 10 हजार रुपए किराया क्लब के खाते में जाता है।
{ बार, रेस्टोरेंट, रूम, हॉल से आय है।
{ नया सदस्य बनने के लिए एकमुश्त फीस 1.5 लाख रुपए है।
(यह आंकड़े निगम, एडवरटाइजमेंट एजेंसी के नोटिस, क्लब की पुरानी बैलेंस शीट व क्लब सूत्रों से जुटाए हैं।)
तर्क 2 : नॉन प्रोफिट आर्गेनाइजेशन है।
हकीकत: { क्लब की वेबसाइट के होमपेज पर जो बैलेंस शीट डाली है, उसमें 15.61 लाख का नेट प्रोफिट
(पीएंडएल एकाउंट के मुताबिक) दिखाया है।
{ 1.19 लाख रुपए आय बैंक इंटरेस्ट से दिखाई है व 70 लाख का फिक्स एसेट दिखाया है।
{ क्लब 7.50 लाख रुपए बार लाइसेंस और 7.55 लाख बिजली बिल का चुकाता है। जबकि वार्षिक 2.86
लाख ही प्रॉपर्टी टैक्स बनता है।
(हालांकि बैलेंस शीट घाटे की दिखाई है।)