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केस दर्ज करने की एवज में 20 हजार रिश्वत लेता एएसआई काबू

एक वर्ष पहले
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बयाना लेकर प्लाॅट किसी और को बेचकर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगना एक एएसआई को महंगा पड़ गया। गुरुवार देर शाम स्टेट विजिलेंस अम्बाला की टीम ने आरोपी एएसआई को पैसे लेते दबोच लिया। सेक्टर-8 वासी बलबीर सिंह की शिकायत पर टीम ने यह कार्रवाई की। मूलरूप से कमोदा व अब सेक्टर-आठ के निवासी बलबीर सिंह ने बताया कि उसने उमरी एरिया में एक प्लाॅट लिया था। साढ़े 7 लाख रुपए देकर फुल पेमेंट एग्रीमेंट भी प्लाॅटधारक से किया था लेकिन मिर्जापुर कॉलोनी वासी उक्त प्लाॅटधारक ने बाद में धोखाधड़ी कर प्लाॅट किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। इस संबंध में एसपी को शिकायत की थी। एसपी से शिकायत एफआईआर दर्ज करने को एसएचओ सदर के पास से होती हुई एएसआई राजेश कुमार के पास पहुंची। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त प्लाॅटधारक खुद थाने आकर बयान देकर गया था कि उसे पैसे की जरूरत थी। लिहाजा इमरजेंसी में उसने प्लाॅट किसी और को बेच दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि एसपी के निर्देश और आरोपी के बयान देने के बावजूद उक्त एएसआई मामले में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रहा था। पैसे की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता बलबीर कुमार ने बताया गत शनिवार को 5 हजार रुपए भी उक्त एएसआई को दिए थे लेकिन फिर भी वह 20 हजार और की मांग कर रहा था।

फिर दी विजिलेंस को शिकायत. बताया कि उक्त एएसआई से परेशान होकर स्टेट विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया जिस पर विजिलेंस ने रेड की प्लानिंग बनाई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार जयवीर रंगा को साथ लिया। रंगा के मुताबिक बलबीर को टीम ने 20 हजार रुपए की राशि उक्त एएसआई को देने के लिए थमाई। विजिलेंस की टीम ने रेड कर दी। उसे रंगे हाथों पैसे को साथ दबोच लिया।

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