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ऐसे धोखा दे रहे हैं**

एक वर्ष पहले
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जैकेट पेज के शेष

आईसीयू में उन्हीं को जगह जिनके बचने की उम्मीद...

मास्क पहने हुए एक नर्स की थककर बैठ जाने की तस्वीर वायरल हो रही है, जो बताती है कि मेडिकल स्टाफ कितने दबाव में है। सबवे (मेट्रो), जिम, सिनेमा, स्कूल, यूनिवर्सिटी, सब बंद हैं। कंसर्ट्स, गेम्स, प्रार्थना सभाएं, सब रद्द हैं। होटल मालिक शिकायत कर रहे हैं कि उनकी 90% बुकिंग्स कैंसिल हो गई हैं। पिछले शनिवार को लॉम्बार्डी के आईसीयू प्रमुख एंटोनियो पेसेंती को कहा कि उनका अनुमान है, 26 मार्च तक वहां 18 हजार लोग बीमार हो चुके होंगे। इस बीच यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने खबर दी है कि लॉकडाउन की वजह से इटली के कई इलाकों में प्रदूषण कम हो गया है। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई है। सरकार ने 8.4 अरब डॉलर खर्च करने की घोषणा की है। जिन पैरेंट्स के बच्चे स्कूल जाते हैं उन्हें बेबीसिटिंग वाउचर्स दिए जाएंगे, ताकि वे घरपर बच्चों की देखभाल कर सकें। मेडिकल इक्विपमेंट पर बड़ा खर्च किया जा रहा है। छोटे शहरों की स्थिति भी बहुत अलग नहीं है। पाविया नाम के शहर में 75 हजार लोग रहते हैं। यहां रहने वाले गणित इतिहासकार रिकार्डो रोसो मास्क पहनकर लोगों को प्रोबेबिलिटी का सिद्धांत समझा रहे हैं। वे कहते हैं, ‘फिलहाल जितना सामाजिक संपर्क रखेंगे, बीमार होने की आशंका उतनी ज्यादा बढ़ेगी।’ इटली की भी यही रणनीति लग रही है। सुपरमार्केट और दवाओं की दुकान छोड़कर सारे बिजनेस बंद कर दिए गए हैं। पाविया के एक अस्पताल के आईसीयू में 38 वर्षीय एक व्यक्ति का इलाज चल रहा है, जिसे लॉम्बार्डी क्षेत्र में वायरस फैलाने का जिम्मेदार माना गया है।

23 ईरानी नेता संक्रमित, कई डॉक्टरों व नर्सों की भी मौत...

ये बढ़ते कोरोना के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर इलाज में लगे हुए हैं। इनमें से कुछ ने संक्रमित होकर अपनी जान भी गंवाई है। ईरान के गिलन की 25 वर्षीय नर्गिस ख़ानालिज़ादेह कोरोनावायरस से जान गंवाने वाली पहली नर्स थी। प्रोटेक्टिव सूट और सर्जिकल मास्क के साथ उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संक्रमित लोगों की संख्या 11,364 तक पहुंच चुकी है और मरने वालों की संख्या 514 हो गई है। संक्रमितों में 23 ईरानी नेता भी शामिल हैं। उपराष्ट्पति मसोमेह इब्तेकर भी क्वारंटाइन में थे और वे अब ठीक होकर काम पर लौट आए हैं। कोरोनावायरस पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करने के एक दिन बाद उप स्वास्थ्य मंत्री ईराज हारिरची भी संक्रमित हो गए और अभी भी क्वारंटाइन में हैं। कई और मरीज भी अब ठीक हो चुके हैं। ऐसे ही एक मरीज अली अबिदी कहते हैं कि वे अब पूरी तरह ठीक हो गए हैं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर अली कहते हैं, ‘यह मेरे और परिवार के लिए भयानक अनुभव था। क्वारंटाइन पीरियड के दौरान मुझे बहुत अजीब ख्याल आते थे। अब घर आकर अच्छा लग रहा है।’ कई लोग कोरोनावायरस से ग्रसित लोगों की संख्या और भी ज्यादा होने की आशंका जता रहे हैं। क़ूम में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अमिर्रेज़ा फल्लाही कहते हैं, ‘ईरान में कोरोनावायरस की स्थित कितनी भयावह है, इसे लेकर स्पष्टता नहीं है। जहां इससे वैश्विक मृत्यु दर 2 फीसदी है, वहीं ईरान में यह दर 4 फीसदी से ज्यादा है, जो की चिंता का विषय है।’ ईरान के विदेश मंत्री जावाद ज़रीफ़ ने भी माना है कि आधुनिक इक्विपमेंट और मेडीकल सप्लाई की कमी की वजह से कोरोनावायरस के लड़ना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाई गई पाबंदियों को जिम्मेदार बताया है। इस बावत उन्होंने यूएन प्रमुख को चिट्‌ठी भी लिखी है।

इस बीच ईरानी घर में बंद रहने के अपने नए जीवन की आदत डाल रहे हैं। कुछ के लिए यह चुनौतीपूर्ण है तो कुछ इसे परिवार के साथ समय बिताने के मौके की तरह देख रहे हैँ। बिजनेसमैन और फुटबॉल के शौकीन अर्श रहिमी कहते हैं, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इतने दिन घर बैठना पड़ेगा, दोस्तों से, फुटबॉल से दूर रहना पड़ेगा। लेकिन यह परिवार और बच्चों के साथ समय बिताने का भी अच्छा मौका है।’

देश में 109% तक बढ़ेगी गोल्ड की रिसाइक्लिंग...

जबकि बीते 2019 में पूरे साल भर में 119.5 टन सोने की रिसाइक्लिंग हुई थी। और आखिर के तीन महीने अक्टूबर-दिसंबर में 29.1 प्रतिशत सोने की रिसाइक्लिंग हुई थी। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अध्यक्ष एवं ऋद्धिसिद्धी बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार 2020 में गोल्ड की रिसाइक्लिंग बीते वर्ष की तुलना में लगभग 109 फीसदी बढ़कर 250 टन के आस-पास रहने की उम्मीद है। वे बताते हैं कि मुंबई सहित देशभर के सभी प्रमुख बाजारों में बड़े पैमाने पर पुराने गोल्ड को पिघलाकर लोग जरूरत के हिसाब से ज्वैलरी बनवा रहे हैं। जिसकी वजह से इस साल गोल्ड का इंपोर्ट 500-550 टन रहने वाला है। वहीं इस साल गोल्ड की सेल 30-40 प्रतिशत घटेगी, मगर कारोबार का सालाना टर्नओवर पहले जैसा ही रहेगा। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) के संयोजक पंकज अरोरा कहते हैं कि गोल्ड का दाम 40 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊपर यदि दो महीने से अधिक समय तक बना रहता है तो सेल 30-40 प्रतिशत घट जाएगी। मगर सालाना रुपए का कारोबार व टर्नओवर जो था वह पहले जैसा ही बने रहने वाला है। क्योंकि मान लिजिए कि पहले 3 लाख में 100 ग्राम गोल्ड मिलता तो अब 3 लाख में 70 ग्राम ही मिल रहा है। इस नजरिए से हमें बाजार में यह ट्रेंड नजर आ रहा है कि जिसे गोल्ड खरीदना है या ज्वैलरी बनवाना है, तो वह बनवा रहा है, मगर सिर्फ उसकी मात्रा अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से कम कर रहा है।

पहली मरीज ने बताई ठीक होने की पूरी कहानी...

हालांकि मेरी शंका इसलिए और पुख्ता हो गई थी क्योंकि आइसोलेशन वार्ड में केवल दो छात्राएं थीं। एक मैं और दूसरी मेरी सीनियर। उनका रिजल्ट निगेटिव आ चुका था। मेरा रिजल्ट नहीं आया था या मुझे बताया नहीं गया था। हालांकि मेरी लक्षण गंभीर नहीं थे, इसलिए मुझे बहुत टेंशन नहीं थी। मुझे पता था कि यदि मैं ज्यादा घबराई तो परेशानी और बढ़ जाएगी। मुझे पता था कि कोरोना के डेथ रेट से कहीं बेहतर रिकवरी रेट है। इसलिए मैं नकारात्मक विचारों से बच रही थी। मैंने मेरे साथ यात्रा करने वाले अन्य लोगों की भी पूरी डिटेेल जिम्मेदारों को दी। स्वास्थ्य मंत्री ने खुद मेरी मां से बात की और मेरे कोरोना वायरस से संक्रमित होने की बात कही। उन्होंने हमें विश्वास दिलाया कि मैं ठीक हो जाऊंगी।

बेहतर इलाज के लिए मुझे 31 जनवरी को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल में मुझे एंटी वायरल दवाएं दी गईं। वे रोज मेरे शरीर का तापमान चेक करते थे। मुझे खाने-पीने में हर तरह की चीज खाने की इजाजत थी। मेरी पहचान को गुप्त रखा गया ताकि मुझे कोई समस्या न हो। अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड के बगल में ही मेरी मां को भी रहने की इजाजत दी गई थी। हालांकि मैं उनके कमरे में नहीं जा सकती थी और न ही वो मुझसे मिल सकती थीं। लेकिन उनके पास रहने से मुझे इत्मिनान था। बाद में 20 फरवरी को मुझे अस्पताल से छुट्टी दी गई और एक मार्च को मेरा क्वैरनटाइन पीरियड समाप्त हो गया। अब मैं सामान्य जीवन की ओर लौट रही हूं। घर पर रहकर ऑनलाइन ही चीन की यूनिवर्सिटी की पढ़ाई कर रही हूं।

वीजा कैंसिल होने के डर से कर रहे हैं बीवियों से सुलह...

महिला आयोग ने 1190 मामलाें में सुलह कराई है। वहीं कई और प्रदेशों में भी एनआरआई पतियों के खिलाफ जांच चल रही है। दिल्ली में 96, उप्र में 94, हरियाणा में 68, गुजरात में 48, महाराष्ट्र में 63 और तमिलनाडु में 65 पतियों के खिलाफ जांच जारी है।

करनाल निवासी विवाहिता ने शिकायत की थी कि जर्मनी में नौकरी करने वाले उनके पति शादी के 15 दिन बाद ही वहां चले गए थे। बाद में बात करनी बंद कर दी। बाद में पता चला कि वे जर्मनी में पहले ही शादी कर चुके हैं। इसके बाद पति समेत 3 पर दहेज उत्पीड़न केस किया।



राेहतक की विवाहिता ने बताया कि अगस्त 2018 में उनकी शादी आॅस्ट्रेलिया में नौकरी करने वाले सिरसा निवासी युवक से हुई थी। शादी के 6 माह बाद ही उसने आॅस्ट्रेलिया जाकर बात करना बंद कर दिया।



 ऑस्ट्रेलिया की महिला डॉक्टर ने कैथल के युवक पर मार्च 2014 में प्रेम विवाह कर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। युवक ऑस्ट्रेलिया में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। बाद में वह प|ी को छोड़ हरियाणा आ गया।



अम्बाला की अध्यापिका ने बताया कि जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया में नौकरी करने वाले गुड़गांव के युवक से शादी हुई। 8 माह बाद पता चला कि पति ने वहां किसी अन्य महिला से शादी कर ली है। पति ने समय नहीं मिलने के चलते आ पाने में असमर्थता बताई। दूसरी शादी की बात को भी गलत कहा।
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