सच्चाई पता लगाने के लिए कराई जा सकती है डॉक्टर व बच्ची की डीएनए जांच : फैमिली कोर्ट

Ambala News - अम्बाला की डॉक्टर के साथ लिव इन रिलेशनशिप में पैदा हुई बच्ची की कस्टडी के लिए याचिका दायर करने वाले एम्स के डॉक्टर...

Jan 24, 2020, 07:20 AM IST
Ambala News - haryana news dna test of doctor and girl can be done to find out the truth family court
अम्बाला की डॉक्टर के साथ लिव इन रिलेशनशिप में पैदा हुई बच्ची की कस्टडी के लिए याचिका दायर करने वाले एम्स के डॉक्टर नवनीत मग्गो की डीएनए टेस्ट कराने की याचिका पर गुरुवार को फैमिली कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की एविडेंस एक्ट 112 की एप्लीकेशन पर दोनों पक्षों पर बहस हुई। कोर्ट ने कहा कि डीएनए से पता चल जाता है कि सच्चाई क्या है। कोर्ट ने बच्ची के मामले पर अपशब्द कहने पर बचाव पक्ष के वकीलों को फटकार भी लगाई। कोर्ट इस मामले में 6 फरवरी को सुनवाई करेगी। महिला डॉक्टर के वकील ने फैमिली कोर्ट में एवीडेंस एक्ट 112 के तहत एप्लीकेशन लगाकर कहा था कि इस मामले पर सुनवाई न की जाए। याचिकाकर्ता डॉ. मग्गो के वकील ने कहा कि यह एक्ट 1882 में बना था। जब डीएनए के बारे में सोच नहीं सकते थे। उस समय पता नहीं चलता था कि बच्चा किसका है। उस समय पति अपनी प|ी पर आरोप लगाकर बच्चे के लालन पोषण से पीछे हटना चाहता था। यह एक्ट प|ी को पति सेफ करने के लिए बनाया गया था। इस केस में यह सिचुएशन लागू नहीं है। शेष | पेज 9 पर

बच्ची को परवरिश के लिए रखना चाहता हूं: डॉ. मग्गो

याचिकाकर्ता डॉ. नवनीत मग्गो ने कहा कि उनकी करीब 3 साल की बेटी को 8 माह से अकेला छोड़ा हुआ है। वह उसे परवरिश के लिए अपने पास रखना चाहते हैं, क्योंकि बच्ची की मां उसे छोड़कर बाहर जा चुकी है। हालांकि कोर्ट के बाहर डॉ. मग्गो ने केस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। कोर्ट का जो फैसला होगा स्वीकार होगा।

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