कांग्रेस के ओहदेदार बेईमान न होते तो हुड्डा सीएम होते: निर्मल
कांग्रेस से बगावत कर हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट बनाने वाले पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने जहां मुलाना में हुई सभा में फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा पर निशाना साधा। अगर कांग्रेस में बैठे ओहदेदार बेईमानी न करते तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती और भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री होते। वहीं निर्मल के बेटी चित्रा सरवारा ने दीपेंद्र हुड्डा को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने को सराहा।
कैंट में प्रेस कांफ्रेंस में चित्रा ने कहा कि उत्तरी हरियाणा के राजनीतिक हितों के लिए फ्रंट नई सोच के साथ लोगों के बीच जाएगा। बाहरी नेताओं को अम्बाला के लोगों पर थोपने के कारण न तो यहां कोई बड़ा उद्योग लग पाया और न ही युवाओं को रोजगार मिले। आईएमटी के मुद्दे पर नेता आपस में लड़ते रहे। स्थानीय निकाय चुनावों में फ्रंट मजबूत उम्मीदवार उतारेगा। चित्रा ने कहा कि उनके परिवार का कांग्रेस से 4 दशक पुराना संबंध रहा है। लेकिन प्रदेश के कुछ नेताओं के निजी हितों के कारण टिकटों की बंदरबांट की। इसी वजह से कांग्रेस सत्ता से दूर रह गई। राज्यसभा की सीट से दीपेंद्र सिंह हुड्डा को उम्मीदवार घोषित करना युवाओं को प्रोत्साहित करने का सही संदेश है। मौके पर पूर्व सीएम हुड्डा के मीडिया एडवाइजर रहे दलीप चावला बिट्टू, हिम्मत सिंह, ब्रह्मपाल राणा, पार्षद सुरेंद्र तिवारी, वीरेंद्र गांधी, गगन डांग, नरेंद्र जैन, जरनैल सिंह माजरा, दुर्गा सिंह अत्री, अतुल महाजन मौजूद रहे।
निर्मल बोले- सैलजा ने अम्बाला को पीछे धकेला
मुलाना के मां बाला सुंदरी मंदिर में हुई सभा में निर्मल सिंह ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सैलजा स्पष्ट करें कि उन्होंने अम्बाला की सांसद रहते उत्तरी हरियाणा के हितों के लिए क्या किया है। उन्होंने सैलजा को 2 बार अम्बाला सीट से संसद में भिजवाने का काम किया ताकि उत्तरी हरियाणा की आवाज संसद में बुलंद करें। सैलजा ने अपने कार्यकाल में अम्बाला को पीछे धकेलने का काम किया।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करतीं चित्रा सरवारा।