• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Ambala
  • Ambala News haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul

3 बार पुराने पैटर्न पर चुनाव हुए तो इस बार भी हों: 4 पूर्व प्रधान पहले नियम नहीं पता थे, अब कॉलेजियम से जरूरी: प्रधान कंसल

Ambala News - शहर की सबसे बड़ी संस्थाओं में शामिल अग्रवाल सभा के चुनाव की तारीख भले घोषित नहीं हुई लेकिन गतिविधियां तेज हो गई...

Jan 25, 2020, 07:20 AM IST
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
शहर की सबसे बड़ी संस्थाओं में शामिल अग्रवाल सभा के चुनाव की तारीख भले घोषित नहीं हुई लेकिन गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौजूदा कार्यकारिणी इस बार सोसायटी एक्ट-2012 के तहत कॉलेजियम सिस्टम से चुनाव कराने की बात कह रही है। तर्क है कि एक हजार से ऊपर सदस्य संख्या वाली संस्था को कॉलेजियम से चुनाव कराना होता है। वहीं गुरुवार देर रात फीनिक्स क्लब में हुई बैठक में सभा के 4 पूर्व प्रधानों और कई पदाधिकारियों ने बिना देरी पुराने पैटर्न से ही चुनाव कराने की मांग रखी। उनका तर्क है कि एक्ट आने के बाद 2013, 2015 व 2017 में पुराने पैटर्न पर ही चुनाव कराए गए थे। वैसे भी सभा की रजिस्ट्रेशन 2012 से रिन्यू नहीं हुई है। ऐसे में एक्ट लागू होने का तर्क गलत है।

बैठक में पूर्व प्रधान हंसराज अग्रवाल, सीए सुभाष गोयल, दो बार अध्यक्ष रहे भूषण गुप्ता व अशोक गोयल के अलावा 4 बार महासचिव व एक बार सचिव रहे श्रवण अग्रवाल, ऑडिटर संदीप गुप्ता, गौरी शंकर, ओपी गोयल, गोपाल सहाय मित्तल, कैशियर सुभाष आर्य, राकेश अग्रवाल व हरिगोपाल मित्तल ने सभा की जनरल बॉडी मीटिंग जल्द बुलाने की मांग की। इनकी मांग है कि सभा के सभी 1500 सदस्यों को पहले जैसे सीधे वोट का अधिकार रहे। कॉलेजियम के बहाने चुनाव टालने की बजाय चुनाव की घोषणा हो। सुभाष गोयल ने कहा कि 25-26 दिसंबर को चुनाव करवाए जाते थे, लेकिन एक महीना ऊपर हो चुका है। जब सभा सोसायटी एक्ट में रजिस्टर्ड नहीं है तो कॉलेजियम का क्या फायदा। अब अनाउंस किया है कि डायरेक्टरी बनाई जाएगी जिसमें 3 से 4 महीने लगेंगे। जब सभा का एक्ट में रजिस्ट्रेशन रिन्यू हो जाए, तब कॉलेजियम से चुनाव करवा लिया जाए। वैसे भी सभा के संविधान के हिसाब से तो हर साल चुनाव होने चाहिए लेकिन 10-15 साल से दो वर्ष के लिए कार्यकारिणी चुनने की परंपरा चल ही रही है, वो ठीक है।

अम्बाला | फीनिक्स क्लब में बैठक करते अग्रवाल सभा के पूर्व प्रधान और पदाधिकारी।

मीटिंग बुला कॉलेजियम के बारे में समझाएंगे: कंसल


अभी तक प्रधान के लिए 3 लोग अपने-अपने तरीके से जता चुके दावेदारी

प्रदीप गोयल: नए साल की शुभकामनाओं के साथ सोशल ग्रुपों में मैसेज के जरिये दावेदारी जताई

क्या चाहते हैं?-कॉलेजियम से हो चुनाव।

सवाल: आप 2013-15 में महासचिव रहे, तब कॉलेजियम सिस्टम क्यों नहीं अपनाया?

जब एक आदमी को लॉ का पता ना हो? अगर आप ये कहें कि आज तक रजिस्ट्रेशन रिन्यू क्यों नहीं हुई तो कुछ पेपर्स की कमी रह जाती है, कुछ करवाने वालों की कमी रह जाती है। 100 प्रतिशत लॉ के अनुसार कैसे चलना है किसी को नहीं पता था। पिछले साल भी नोटिस आ गया था, वो जैसे-तैसे निपटाया। अब जब रजिस्ट्रार के पास गए तो नियम पता चला। वो बहुत बड़ा जुर्म है कि कानून का पता हो और कानून के मुताबिक ना चला जाए।

प्रदीप गोयल, पूर्व जनरल सेक्रेटरी

अशोक गोयल: सोशल वाट्सएप ग्रुपों में पूर्व प्रधानों के समर्थन से खुद की दावेदारी की

क्या चाहते हैं?-पुराने तरीके से ही चुनाव हो।

सवाल: एक्ट में जब कॉलेजियम का प्रावधान तो पुराने तरीके से चुनाव क्यों हों?

एक्ट तो 2012 में आया, उसके बाद तीन चुनाव पुराने पैटर्न पर ही तो हुए। वैसे भी 2012 से सभा की रजिस्ट्रेशन डिसकॉंटिन्यू है तो एक्ट प्रभावी ही नहीं होगा। वैसे भी यदि रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना लंबी प्रक्रिया है। तब तक चुनाव नहीं टालने चाहिए। अभी पुराने तरीके से चुनाव करवा लिए हैं, जब रजिस्ट्रेशन रिन्यू हो जाए तब दोबारा कॉलेजियम के हिसाब से चुनाव करवा लिए हैं। इसमें इतना सोचना क्या।

अशोक गोयल, 2013-15 में प्रधान रहे

उमेश गुप्ता कुंजा: नए साल पर ग्रीटिंग कार्ड छपवाकर सभी 1500 सदस्यों को भेज दावेदारी जताई

क्या चाहते हैं?-कॉलेजियम से हो चुनाव।

सवाल: 2017 में आप उप प्रधान बने, तब भी तो पुराने पैटर्न पर चुनाव हुए थे?

जब एक काम सही हो सकता है तो गलत क्यूं करवाएं। मैं 1993 से सभा से जुड़ा हूं तब अशोक लाल प्रधान थे, जिन्होंने धर्मशाला बनवाई। मैंने हर पोस्ट और हर टीम में काम किया। 8 साल से वाइस प्रेसीडेंट हूं। 2012 के बाद 3 बार पुराने तरीके से चुनाव हुए लेकिन पहले किसी को नियम नहीं पता था। जब आदमी को पता है कि प्लेट में दूध पी रहा हूं और दूध में चीनी की बजाय नमक पड़ा है तो कौन पीएगा? चुनाव की जल्दी क्यों है, कौन सी ट्रेन छूट रही है। उमेश गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट

Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
X
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul
Ambala News - haryana news if elections were held on the old pattern 3 times then this time too 4 former principal did not know the rules before now it is necessary for the collegium principal consul

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना