• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Ambala
  • Ambala News haryana news in other states and districts someone39s wife children brother and father in law are trapped sp bale can take permission from mary or sho

दूसरे राज्य-जिलाें में किसी की पत्नी-बच्चे, भाई और ससुर फंसे एसपी बाेले- मेरी या एसएचओ से परमिशन लेकर जा सकते हैं

Ambala News - बेटे को ब्लड कैंसर, जालंधर दवाई देने नहीं जा पा रहे थे, अब अनुमति मिली मेरे सात वर्षीय बेटे इशांत को ब्लड कैंसर...

Mar 27, 2020, 07:15 AM IST

बेटे को ब्लड कैंसर, जालंधर दवाई देने नहीं जा पा रहे थे, अब अनुमति मिली

मेरे सात वर्षीय बेटे इशांत को ब्लड कैंसर है जिसका बीते 3 साल से पीजीआई चंडीगढ़ से इलाज चल रहा है। डाॅक्टर ने बोला हुआ है कि एक दिन भी बेटे इशांत की दवाई नहीं टूटनी चाहिए। बेटे का दो साल का कोर्स पूरा हो गया है और तीसरा साल चल रहा है। स्कूल की छुट्टियां हुई तो हमने दवाइयां देकर नानी के घर जालंधर भेज दिया था, 26 मार्च को उसके पास दवाई नहीं थी। देश में लॉकडाउन है और पंजाब में पुलिस राहगीर को पीट रही है, इसलिए बिना अनुमति के घर से निकलना मुश्किल है और दूसरी तरफ बेटे की बीमारी है। मैंने पहले डीसी कार्यालय में बातचीत की। जहां पर मुझे पहले अनुमति देने से मना किया गया। फिर मैं पूर्व डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल से मिला। पूर्व डिप्टी मेयर ने मेरे लिए एक अनुमति के लिए पत्र लिखा और उसके बाद किसी तरह से डीसी कार्यालय में पहुंचा। जहां से अनुमति मिल गई है। अनुमति को लैटर देकर अपने दूसरे बेटे को जालंधर भेजा है जहां पर पुलिस मिली है वहां पर अनुमति लैटर दिखा कर निकल गया है। उम्मीद है शाम तक बेटे को दवाई मिल जाएगी।
-जैसा अम्बाला कैंट कुम्हार मंडी निवासी ज्ञानचंद ने बताया।


सिरसा कार्यक्रम में गए थे, 21 से वहीं फंसे हैं


{ सिरसा में एक कार्यक्रम था जिसमें मेरे ससुर रामस्वरूप 21 मार्च को अम्बाला से गए थे और 22 मार्च का लॉकडाउन था। एक दिन का लॉकडाउन समझ कर वह वहां से 22 की शाम को वापस नहीं आए। रात को प्रधानमंत्री ने देशभर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। बीते छह दिन से मेरे ससुर सिरसा में ही फंसे हुए हैं। चूंकि, वह बुजुर्ग है इसलिए हमें चिंता ज्यादा है। हम घर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई रास्ता नहीं मिल रहा है।
जैसा गांव बीहटा निवासी अमन ने बताया।


भास्कर न्यूज | अम्बाला

लॉकडाउन में दूसरे राज्य-जिलों में गए अम्बाला से किसी प|ी, बच्चे, भाई और अन्य परिजन फंसे हुए हैं। लेकिन सीमाएं सील हैं और हर चौक-चौराहे और हाईवे पर पुलिस के नाकेबंदी हैं। ऐसे में परिजन परेशान हैं। घर वापस लाने के लिए प्रयास करें और कुछ लोग चोरी-छिपे जाने की कोशिश में जुटे हैं। यह रास्ता गलत है और ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि जिला प्रशासन आपका सहयोग करने के लिए तैयार है। आप अपने नजदीक के पुलिस स्टेशन के साथ-साथ डीसी, एसपी कार्यालय में जा सकते हैं। जहां आपकी समस्या न सिर्फ सुनी जा रही है बल्कि उसका समाधान भी किया जा रहा है। आपको आने-जाने में कोई कोई दिक्कत न आए। इसलिए आपको एक अनुमति पत्र मिलेगा। इस पत्र को दिखा कर आप पुलिस की सख्ती से बच सकते हैं और निर्धारित समय के अंदर अपने परिजनों को लेकर आ सकते हैं।


मेरी प|ी और बच्चे पालमपुर में हैं, कैसे लेकर आऊं

{ 18 मार्च को स्कूल में छुट्टियां पड़ी थी बच्चे और प|ी जिद करने लग गई है हमें पालमपुर जाना है। मैंने भी उन्हें भेज दिया था लेकिन जब 22 मार्च को लॉकडाउन हुआ और कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने और पॉजिटिव केस सामने आने लगे तो मैं बहुत परेशान हूं। अब पूरे देश में लॉकडाउन है तो मुझे कोई रास्ता नहीं मिल रहा है कि किस तरह से मैं प|ी और बच्चों को वापस घर लेकर आऊं।
जैसा गणेश विहार निवासी सुनील पहाड़िया ने बताया।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना