क्रेडिट कार्ड जेब में, रिटायर्ड एसीपी के खाते से खर्च हुए साढ़े 19 हजार रुपए
दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर शमशेर सिंह ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। उनका एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड जेब में था। न कोई ओटीपी आया और न किसी से जानकारी शेयर की फिर भी उनके खाते से 19,673 रुपए खर्च हो गए। जब वो बैंक में कार्ड ब्लॉक कराने जा रहे थे तभी दोबारा 391 यूएस डॉलर ट्रांजेक्शन का मैसेज आया। हालांकि खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने की वजह से यह दूसरी ट्रांजेक्शन नहीं हो सकी।
अम्बाला सिटी में रामनगर नगर के शमशेर सिंह ने बताया कि शनिवार शाम को करीब सवा 7 बजे उनके पास पहला मैसेज आया था। उन्होंने एक्सिस बैंक के कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराई। बैंक ने खाते से गया पैसा वापस आने का भरोसा दिलाया है। शमशेर ने बताया कि उनका बेटा यूके के एक बैंक में अच्छी पॉजिशन पर है। उनका बेटे के पास विदेश आना-जाना रहता है। इसी वजह से क्रेडिट कार्ड का इंटरनेशनल एक्सेस का ऑप्शन खुलवा रखा है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इंटरनेशनल एक्सेस का ऑप्शन खुला होने पर उस कार्ड की डिटेल से विदेश में कहीं कोई खरीददारी हो तो ओटीपी नहीं आता। संभवत हैकर ने इसी का फायदा उठाया होगा।
संजीवनी अस्पताल प्रशासक से भी ऐसी घटना हुई थी
दिसंबर 2019 में संजीवनी अस्पताल के प्रशासक अमन सरीन की प|ी तृप्ति सरीन के क्रेडिट कार्ड से भी इसी तरह किसी ने 22,722 रुपए की शॉपिंग कर ली थी। यह शॉपिंग ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेशनल परचेज के जरिये हुई। अमन के पास क्रेडिट लिमिट डिक्लाइन होने का मैसेज आया था तब मामला सामने आया था। सरीन के जिस कार्ड से शॉपिंग की गई है, वह एक साल से इस्तेमाल ही नहीं हुआ था। उन्होंने न तो सीवीवी नंबर शेयर किया, न कार्ड स्वैप किया और न कोई ओटीपी आया। मोबाइल डाटा भी ऑफ था। बावजूद इसके कैसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी लीक हुई थी। साइबर सेल की जांच में सामने आया था कि जिस नंबर का इस्तेमाल हुआ है वो जींद के मुकेश के नाम पर था और जबकि जिस कंप्यूटर व वाई-फाई का प्रयोग हुआ, उसका आईपी एड्रेस साहा में शहजादपुर चौक के आसपास का था।