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एनीमिया दूर करने के लिए पोषण पखवाड़ा चलाया: डीसी

एक वर्ष पहले
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डीसी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चों और महिलाओं में अनीमिया, खून की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने पोषण पखवाड़ा शुरू किया है। जिसका शुभारंभ 8 मार्च को सीएम ने गुरुग्राम से किया था। उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत सही पोषण-देश रोशन के तहत महिलाओं व बच्चों को संपूर्ण आहार की जानकारी दी जा रही है। साथ ही एनीमिया की कमी को दूर करने बारे भी बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत सभी गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित कर महिलाओं से संबंधित मुद्दों जैसे कि एनीमिया व कुपोषण को कम करने के बारे में जागरूक करना तथा समानता पर विशेष बल देना, ग्राम सभा में महिलाऔ की भागीदारी को प्रोत्साहन तथा महिलाओं एवं पुरुषों दोनों को संवेदनशील बनाना आदि शामिल हैं।

एनीमिया यानी खून की कमी रोकने के लिए क्या न करें

बच्चों को जंक फूड, बर्गर, चिप्स कम से कम खाने के लिए दें। दूध, चाय और कॉफी का प्रयोग खाने के साथ न करें। कम से कम एक घंटे का अन्तर रखें। खाने के बाद सिगरेट, कोल्ड ड्रिंक, पान-मसाला, मदिरा का प्रयोग न करें।

ये करके बच सकते हैं एनीमिया से

लोहे के बर्तन में ही खाना बनाएं। लेकिन उसमें टमाटर, अमचूर जैसी खट्टी सामग्री न डालें। हरी सब्जियों को धोकर काटें, ताकि घुलनशील विटामिन नष्ट न हों। साबुत अनाज जैसे गेहूं, बाजरा, जौ, सोयाबीन, जई, अंकुरित दालें खाएं। पालक, चौलाई, मेथी, पुदीना, बथुआ, सरसों, शलगम के पत्ते सब्जी में शामिल करें। आंवला, अमरूद, अनार, मुनक्का, मूंगफली, तिल, खजूर, अंजीर, गुड़, चना, शक्कर, शहद, खाने में नींबू, आंवला, अमरूद जैसे खट्टे फल शामिल करें।

अनीमिया के क्या कारण: विटामिन बी 12 की कमी का होना, मलेरिया के बाद, जिससे लाल रक्त कोशिका नष्ट हो जाती हैं। रक्त स्त्राव, शौच, उल्टी, खांसी के साथ खून बहने से। पेट में अल्सर होने, बार-बार गर्भ धारण करने, दो बच्चो के जन्म के बीच में दो साल से कम अंतर होने से।

खून की कमी के लक्षण: शरीर में काफी थकावट, कमजोरी, त्वचा का सफेद दिखना या पीलापन, छाती में दर्द, जीभ, नाखूनों व पलकों के अंदर सफेदी, चक्कर आना खासकर लेटकर एवं बैठकर-उठने में।
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