सीलिंग हुई ताे फीनिक्स क्लब ने 23 मिनट में चुकाया 10 साल का प्रॉपर्टी टैक्स

Ambala News - 4 बजकर 43 मिनट पर सील करने पहुंची टीम, चेक थमाते ही टीम ने दो गेट पर लगाए ताले खोले नगर परिषद कैंट ने 27.68 लाख का...

Mar 06, 2020, 07:16 AM IST

{ 4 बजकर 43 मिनट पर सील करने पहुंची टीम, चेक थमाते ही टीम ने दो गेट पर लगाए ताले खोले

नगर परिषद कैंट ने 27.68 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले सेंट्रल फीनिक्स क्लब को वीरवार 4 बजकर 43 मिनट पर सील कर दिया। सीलिंग के वक्त क्लब मैनेजर, स्टाफ के साथ-साथ बैंडमिटन और शूटिंग प्रेक्टिस करने वाले खिलाड़ी भी मौजूद थे, जिन्हें नप सचिव राजेश कुमार ने बाहर निकलवाया। सचिव जब तीसरे गेट को सील करने लगे तो नप ईओ विनोद नेहरा के पीए विक्रम के फोन से विवाद भी खड़ा हो गया। इसी बीच क्लब कोषाध्यक्ष विशाल गोयल पहुंचे और सचिव से सीलिंग का कारण पूछा तो नप ने पेंडिंग टैक्स का बिल थमा दिया। कोषाध्यक्ष ने कहा कि क्लब अभी टैक्स भर देगा। करीब 23 मिनट बाद क्लब ने 10 साल का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स 27.68 लाख रुपए का चेक टीम को थमा दिया। जिसके बाद दोनों गेट पर जड़े गए ताले खोल दिए गए। फीनिक्स क्लब के सचिव सुशील गुप्ता ने तर्क दिया कि क्लब नगर परिषद की ओर से मिलने वाली छूट का इंतजार कर रहा था। इसलिए टैक्स को रोका हुआ था। कई बार इस संबंध में वह स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के पास भी गए। कबाड़ी बाजार स्थित ओरियंटल बैंक आॅफ कॉमर्स में क्लब की सवा एक करोड़ की एफडी है। क्लब के सचिव सुशील गुप्ता ने बताया कि इसी एफडी के अगेंस्ट लोन लेकर बैंक का चेक नगर परिषद को दिया गया है। मौके पर मौजूद क्लब के चेयरमैन राकेश अग्रवाल ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाने में किसी की कोई लापरवाही नहीं है। चेयरमैन ने कहा कि वह सिर्फ अपने कार्यालय का बता सकते हैं दूसरे कार्यालय में यह प्रॉपर्टी टैक्स क्यों नहीं चुकाया गया। इसका जवाब क्लब के पूर्व चेयरमैन ही दे पाएंगे।

ईओ बोले- मेरे पीए ने फोन पर इतना ही कहा था-क्लब पैसे दे रहा है तो सील मत करो


मुझे कोई मैसेज नहीं था। मुझे किसी अधिकारी ने नहीं बोला। मैंने तो फोन किया था कि क्लब वाले चेक दे रहे हैं वो ले लो।
- विक्रम, पीए, ईओ नगर परिषद सदर
जोन कैंट।


सचिव को फोन करने के मामले में ईओ विनोद नेहरा से सीधी बातचीत

.: सीलिंग की कार्रवाई के वक्त आपने अपने पीए को फोन करने के लिए बोला था?

ईओ : मैं क्यों कहूंगा पीए को। वैसे कोई चेक दे रहा है, तो मैं तो यही कहूंगा कि टैक्स दे दिया है।

. : क्या सचिव को सीलिंग की कार्रवाई करने से मना किया गया?

ईओ : मैं यह कहना चाह रहा हूं, फीनिक्स क्लब वाले ने पैसे दे दिए हैं तो इसमें सीलिंग रूकवाने वाली कोई बात नहीं है। पीए को मैसेज दिया गया था कि उनको बोलो कि अगर क्लब पैसे देता है तो सील मत करो। आई थिंक ये बोलना तो गलत नहीं है? मैं सचिव से बात करूंगा।

10 साल में 9 चेयरमैन बदले } प्रशासन ने कई बार नोटिस दिया, हर बार मामला टलता रहा, अब सख्ती दिखाई तो मिला नतीजा

} क्लब के 39 वर्ष के इतिहास में
पहली बार सीलिंग की नौबत


{कार्रवाई करने लगे तो किसी का फोन आया तो सचिव बोले- पीछे नहीं हटेंगे

फिर हमें क्यों कहते हैं कि रिकवरी है, कर लो। या तो एक साइड चल लो, या फिर दूसरी साइड। फिर जैसा चल रहा है वैसे चलने दो। हमने तो अवैध अतिक्रमण हटाने में भी कोई पार्शेल्टी नहीं की। गिरेगा तो सभी का गिरेगा। यदि पार्शेल्टी करनी है तो हम कार्रवाई से पीछे हटते हैं। हम तो निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे।
- जैसा नप सचिव राजेश कुमार ने अपनी टीम के एक सदस्य के पास फोन आने के बाद कहा।

सेंट्रल फीनिक्स क्लब का शटर नीचे कर ताला लगाते नगर परिषद सचिव राजेश कुमार, सेंट्रल फीनिक्स क्लब के चेयरमैन के सामने कोषाध्यक्ष चेक पर हस्ताक्षर करते व ओरियंटल बैंक आॅफ कॉमर्स का चेक दिखाते नप के सचिव।

वर्ष 1981 में महज 3 कमरों से आरंभ हुए सेंट्रल फीनिक्स क्लब के 39 वर्ष लंबे सफर में क्लब को पहली बार सीलिंग जैसी कार्रवाई से शर्मसार होना पड़ा। महज कुछ मिनटों के लिए क्लब को सील कर दिया गया था, लेकिन बाद में मैनेजमेंट के आने पर नप टीम ने इसे पुन: खोला व टैक्स वसूला। शहर की टॉप श्रेणी के क्लब की मैनेजमेंट द्वारा प्राॅपर्टी टैक्स अदा में लगातार हो रही देरी से क्लब के सदस्य भी खफा थे। उनका कहना था कि क्लब के इतिहास में ऐसी स्थिति आज तक नहीं झेलनी पड़ी।

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