रामपाल काे जेल से छुड़वाने के लिए अनुयायी मोदी काे भेज रहे चिट्ठियां-उनके पास कोरोना का उपाय है

Ambala News - काेराेना वायरस से जहां पूरी दुनिया डरी हुई है और पूरा देश लॉकडाउन हाे चुका है। ऐसे में हत्याओं-देशद्रोह जैसे...

Mar 27, 2020, 07:15 AM IST

काेराेना वायरस से जहां पूरी दुनिया डरी हुई है और पूरा देश लॉकडाउन हाे चुका है। ऐसे में हत्याओं-देशद्रोह जैसे मामलों में जेल में बंद सतलाेक आश्रम के संचालक रामपाल के समर्थक पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठियां लिख रहे हैं। जिसमें दावा किया जा रहा है कि रामपाल के इस संकट का उपाय है, इसलिए उन्हें रिहा किया जाए। इससे पहले जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी रामपाल समर्थक आंदोलनकारियों के पाले में खड़े हुए थे। पीएम ने इस काेराेना बीमारी से उभरने के लिए अाम जनता से सुझाव मांगे हैं। इसी काे लेकर रामपाल के अनुयायियों ने माेदी काे चिट्ठियां लिखनी शुरू कर दी हैं। जिसमें उन्हाेंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि अगर देश काे बचाना है ताे उनके बाबा काे रिहाई दी जाए। बाकायदा शहराें के पोस्ट आफिस में इन चिट्ठियां की रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट करवाई जा रही है। पिहोवा डेरे के अनुयायी कृष्ण लाल, खुशविंद्र सिंह, बलकार सिंह ने बताया कि डेरा मैनेजमेंट से जुड़े लोगों ने अनुयायियों काे आदेश दिया है कि प्रधानमंत्री तक 2 लाख चिट्ठियां काे भिजवाना है। पाेस्टमास्टर संजय साेनी ने बताया कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से रामपाल के अनुयायी पोस्टऑफिस आकर चिट्ठियां की स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री करवा रहे हैं। इसके साथ ही लाेग जाेर भी दे रहे हैं कि ये चिट्ठियां जल्द से जल्द प्रधानमंत्री तक पहुंचे। हर दिन 20-25 लाेग प्रधानमंत्री काे अपील करने के लिए अर्जियां डाल रहे हैं। गौरतलब है कि रामपाल सतलाेक आश्रम चला रहा था। 2014 में रामपाल पर हत्या के आरोप लगाए गए थे और 2018 में उसे दाेषी मानते हुए उम्रकैद की जा सुनाई गई थी।

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