दुकानदार बाेले- जिस तरह से बनी हैं उनकी दुकानें, उसी तरह बनाकर दे नगर परिषद
कैंट-साहा नेशनल हाईवे के निर्माण में नगर परिषद कार्यालय कैंट की 20 दुकानें आ रही हैं। दुकानदारों की मांग पर कार्यालय में ही 25 लाख की लागत से दुकानें बनाई जा रही हैं जिसमें से दस दुकानों की नींव भरी जा चुकी है और बाकी 10 दुकानों के निर्माण से पहले ही दुकानदारों ने विरोध जताया है। दुकानदारों ने कहा कि उनकी दुकानें जिस तरह से बनी हुई हैं उसी तरह से नगर परिषद बनाकर दें। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्हें यह बोला गया है कि दुकानें लेनी हैं तो लो, अन्यथा लिखित में इंकार कर सकते हैं। दुकानें किसी ओर को अलॉट कर दी जाएंगी। इसलिए दुकानदारों में रोष है और शुक्रवार को नगर परिषद सचिव राजेश कुमार से जाकर मिले। इसके बाद सचिव को मौका दिखाया गया। सचिव को दुकानदारों ने कहा कि बेशक उनकी दुकानें छोटी कर दी जाएं लेकिन उनकी दुकानों का फ्रंट जगाधरी नेशनल हाईवे की तरफ ही किया जाएं। नगर परिषद एक दुकानदार को एडजस्ट करने के लिए दो चार दुकानदारों को एक गली में मना रहा है। गली से उनकी दुकानें दिखाई नहीं देगी और हमारा रोजगार खत्म हो जाएगा। इसलिए जब नगर परिषद कार्यालय में जगह पड़ी है तो किसी दुकानदार को एडजस्ट करने की बजाय वर्तमान स्थिति के मुताबिक ही दुकानें दी जाएं। सचिव ने हाईवे किनारे बनी हुई दुकानों का जायजा भी लिया। इसके बाद दुकानदारों से कहा गया कि वह लिखित में शपथ पत्र एमई ब्रांच को दें। इसके बाद उनकी मांग पर विचार किया जाएगा। सचिव ने दुकानदारों से कहा कि यह काम एमई ब्रांच का है इसलिए वह एमई और एक्सईएन से मिलें। बाद में दुकानदार एकजुट होकर शाम को एमई से भी मिले।
अम्बाला | नगर परिषद कार्यालय में दुकानें को चेक करते सचिव।