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एमईएस में नौकरी लगने की बात कह अफसरों के लिए महंगी शराब व मिठाई मंगवाते थे ठग
एमईएस में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ठगने के मामले में आरोपियों ने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए। कैंट हलके से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े राजेश चनालिया, उसकी मां कमलेश व पंजाब पुलिस के कर्मी के पिता भाग सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ अम्बाला कैंट में दो, नग्गल, नारायणगढ़ व लालड़ू थाने में एक-एक केस दर्ज है। अब 3 और नई शिकायतें एसपी आफिस के माध्यम से रजिमेंट चाैकी में पहुंची हैं। इन शिकायताें में भी आरोपियों ने एमईएस में अकाउंटेंट, क्लर्क, पियन और ड्राइवर लगवाने के नाम पर लाखाें रुपए ठगे गए। आरोपियों ने न केवल फर्जी जाॅइनिंग लेटर तैयार कर लाेगाें काे दिए, बल्कि उनसे नौकरी लगने के नाम पर ऑफिसरों के लिए महंगी शराब भी मंगवाई और मिठाई मंगवाकर मंदिर और पीर पर माथा टिकवाकर आशीर्वाद दिलाया।
फर्जी जाॅइनिंग लेटर देकर पीर और मंदिर में माथा टिकवाते थे
कैंट थाना में दर्ज हुए केस में पीड़ितों में राजेश कुमार भी शामिल हैं। वह भी गुरुवार काे चाैकी पहुंचे थे। उन्हाेंने बताया कि बेटे और भांजे व अन्य तीन लड़काें काे नौकरी लगवाने के लिए उनसे 30 लाख रुपए ठगे गए। अाराेपी नौकरी लगने की बात कहकर ऑफिसरों काे देने के लिए महंगी शराब की पेटी भी मंगवाते थे। नौकरी लगने का शिकार हुए युवक ने बताया कि उनसे आरोपियों ने मिठाई का डिब्बा मंगवाकर मिलिट्री एरिया में पड़ने वाले मंदिर और पीर पर भी माथा टिकवाया था।
एजेंसी से जांच करवाए सरकार
अब मामले में केस ताे दर्ज हाे रहे हैं, मगर किसी भी पीड़ित काे रिकवरी के नाम पर कुछ नहीं मिला। लाेग लाखाें रुपए गंवाने के बाद न्याय की गुहार लगा रहे हैं। एेसे मामलाें में सरकार काे एजेंसी से जांच करवानी चाहिए ताकि लाेगाें का डूबा पैसा रिकवर हाे सके। जांच अधिकारी कुशलपाल राणा के अनुसार एमईएस में विभिन्न पदाें पर नौकरी लगवाने मामले में अलग-अलग थाना में 5 केस दर्ज हाे चुके हैं। अब 3 नई शिकायत भी सामने अाई हैं।
अब यह शिकायत अाई सामने
{यमुनानगर के गांव भंभोल निवासी सरजंत सिंह शिकायत में बताया कि उन्हाेंने बेटे को एमईएस में अकाउंटेंट लगवाने के लिए 10 लाख और भतीजे काे क्लर्क लगवाने के लिए 8 लाख रुपए दिए थे। उनके बच्चाें काे मिलिट्री एरिया में घूमाकर वापस भेज दिया और नौकरी पर स्टे लगने की बात कहकर कुछ समय बाद अाने के लिए कहा था। नौकरी के लिए बार-बार टालते रहे। उनके 18 लाख रुपए नहीं दिए।
{ यमुनानगर के सरस्वती काॅलाेनी गांव सबलपुर निवासी बलजीत सिंह ने बताया कि पियन व हेड क्लर्क पद पर बेटाें काे लगवाने के लिए 14 लाख रुपए दिए। वह बेटाें काे एमईएस अाॅफिस के सामने बुलाकर वहां रजिस्टर में हाजिरी लेते थे। अाराेपी ही चेकिंग के लिए अधिकारी के रूप में अाते थे। आरोपियों ने उसके बेटे काे दाे माह तक नौकरी पर रखा और दाे महीने की सैलरी भी कैश दी। मगर बाद में नौकरी पर बुलाने के लिए टाल-मटाेल करने लगे।
{ चंडीगढ़ के माैली जागरां निवासी जसपाल सिंह ने बताया कि दाे पोताें काे क्लर्क लगवाने के लिए 7-7 लाख और दाे पाोताें काे ड्राइवर लगवाने के लिए 4-4 लाख देने तय हुए थे। उन्हाेंने 22 लाख रुपए दिए थे। उन्हें बुलाकर जाॅइनिंग लेटर और अाईडी कार्ड भी दिए गए और मिलिट्री एरिया में घूमाकर वापस भेजे देते थे। मंदिर में कसम भी दिलाई गई। बाद में उन्हें नौकरी पर स्टे लगने का हवाला दिया गया।
एमईएस में नौकरी के नाम पर बसपा नेता के परिवार ने ठगा: तीन नई शिकायतें सामने आईं