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आज से खरमास; अब 13 अप्रैल के बाद ही विवाह, सगाई व गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त

एक वर्ष पहले
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सूर्य ग्रह शनिवार को सुबह 11:56 मिनट पर कुंभ राशि से गुरु की राशि मीन में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य का मीन राशि में परिभ्रमण 13 अप्रैल तक रहेगा। इस अवस्था को सूर्य की मीन संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु की राशि मीन में सूर्य का परिभ्रमण खरमास कहलाता है। शास्त्रों के अनुसार खरमास में किसी तरह का कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होता। इस दौरान विवाह, सगाई, गृह निर्माण, गृह प्रवेश, नए कारोबार की शुरूआत, नई वस्तुओं की खरीदारी आदि काम नहीं करना चाहिए।

14 अप्रैल को सूर्य जब मीन से मेष राशि में प्रवेश करेगा तब शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषी गिरीश आहूजा के अनुसार, सूर्य हर एक राशि में एक महीने 30 से 31 दिन के लिए रहता है। 12 महीनों में सूर्य 12 राशियों में प्रवेश करता है। 12 राशियों में भ्रमण करते हुए जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करता है तो उस स्थिति को खरमास कहते हैं। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने पर सभी शुभ कार्य एक महीने के लिए बंद हो जाते हैं। साल में दो बार ऐसा समय आता है जब सूर्य गुरु की राशियों में प्रवेश करने पर शुभ कार्य बंद हो जाते हैं। 16 दिसंबर से 15 जनवरी धनु सक्रांति और दूसरा 14 मार्च से 13 अप्रैल मीन संक्रांति का समय होता है। ये दोनों राशियां सूर्य के लिए शुभ अवस्था वाली नहीं मानी जाती हैं। इसका मुख्य कारण गुरु की राशि मीन में गुरु व सूर्य दोनों कमजोर स्थिति में होते हैं। शुभ मांगलिक कार्य के लिए गुरु और सूर्य का बल देखा जाता है इसलिए इन माह के दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। खरमास के समय भगवान सूर्य और हरि विष्णु की आराधना करना शुभ रहता है।

खरमास के बाद हैं विवाह के मुहूर्त |खरमास के बाद अप्रैल, मई और जून में विवाह के मुहूर्त रहेंगे। अप्रैल में 14, 15, 19, 25, 26 व 27, मई में 6, 7, 8, 10, 12, 17, 18, 19, 23 व 24 और जून में 13,14, 15, 26 व 27 तारीख में विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। 1 जुलाई से देवशयनी एकादशी के साथ चतुर्मास की शुरुआत हो जाएगी जिससे अगले 4 महीनों के लिए विवाह व मांगलिक कार्यों के लिए विराम रहेगा।

}ये है स्वयंसिद्ध मुहूर्त

26 अप्रैल अक्षय तिथि

30 अप्रैल गंगा सप्तमी

1 मई जानकी नवमी

3 मई मोनी एकादशी

1 जून गंगा दशहरा

29 जून भरणी नवमी

1 जुलाई देवशयनी एकादशी
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