क्राइम / जेबीटी घोटाले में बड़शामी को पकड़ने पहुंची सीबीआई, पुलिस ने अन्य मामले में पेश कर रिमांड पर लिया

पुलिस गिरफ्त में पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी। पुलिस गिरफ्त में पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी।
रादौर पुलिस ने दो दिन रिमांड पर लिया। रादौर पुलिस ने दो दिन रिमांड पर लिया।
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पुलिस गिरफ्त में पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी।पुलिस गिरफ्त में पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी।
रादौर पुलिस ने दो दिन रिमांड पर लिया।रादौर पुलिस ने दो दिन रिमांड पर लिया।

  • मेडिकल ग्राउंड पर ली जमानत रद्द होने पर पेश नहीं हो रहे थे इनेलो नेता

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 11:03 AM IST

कुरुक्षेत्र/रादौर। जेबीटी टीचर भर्ती घोटाले में सजायाफ्ता और लंबे समय से जमानत पर बाहर रह रहे इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक शेरसिंह बड़शामी ने 29 नवंबर को अचानक रादौर थाने में सरेंडर कर दिया है। जबकि जेबीटी भर्ती घोटाले में जमानत याचिका रद्द होने के चलते सीबीआई भी उन्हें गिरफ्तार करने की फिराक में थी। सोमवार को करीब सवा चार घंटे चले नाटकीय घटनाक्रम के दौरान जमीन की धोखाधड़ी मामले में कोर्ट से पुलिस ने बड़शामी का दो दिन का प्रोडक्शन वारंट हासिल कर लिया। अंतत: सीबीआई को खाली हाथा लौटना पड़ा। 

जेबीटी भर्ती घोटाले में पूर्व सीएम ओपी चौटाला के साथ बड़शामी को 10 साल की सजा हुई थी। करीब साढ़े चार साल पहले शेरसिंह बडशामी को मेडिकल ग्राउंड पर जमानत मिल गई थी। गत सितंबर में दिल्ली में कोर्ट ने बड़शामी को सरेंडर करने के आदेश दिए, पर बड़शामी ने ऊपरी अदालत में अपील की। वहां भी अपील रद्द हो गई। लेकिन बड़शामी ने सरेंडर नहीं किया। इस पर दिल्ली से 6 सदस्यीय सीबीआई टीम बड़शामी की गिरफ्तारी के लिए रादौर पहुंची थी।

पहले थाने पहुंची सीबीआई
27 नवंबर को वर्कर की जमीन का फर्जी बैनामा कराने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई। बड़शामी ने 29 को खुद को पुलिस के हवाले किया। बड़शामी को दो दिसंबर को जगाधरी कोर्ट में पेश किया जाना था, सीबीआई की टीम वारंट लेकर दिन में 12 बजे उन्हें अरेस्ट करने रादौर थी। थाना प्रभारी ने कहा कि सीबीआई के हवाले बड़शामी को नहीं किया गया।

पुलिस से अधिक बड़शामी के करीबी आए साथ मे नजर
एक बजे पुलिस बड़शामी को लेकर कोर्ट पहुंची तो सीबीआई भी पहुंच गई। पुलिस से ज्यादा बड़शामी के परिजन व समर्थकों ने उन्हें घेरकर रखा था। बड़शामी टॉयलेट गए तो दरवाजा उनके परिवार के युवक ने बंद किया था। पुलिस थोड़ी दूर ही थी। मुंह पर गमछा लपेट कर जब वे कोर्ट में जा रहे थे तब भी पुलिस से अधिक करीब उनके अपने नजर आए। करीब 2:30 बजे बड़शामी को कोर्ट रूम में ले जाया गया तो सीबीआई भी गिरफ्तारी वारंट लेकर पहुंच गई। करीब 4:15 बजे पुलिस को दो दिनों का प्रोडक्शन वारंट मिल गया और सीबीआई को वापस लौटना पड़ा। 30 नवंबर तक की एफआईआर ऑनलाइन हो चुकी हैं, लेकिन धोखाधड़ी का केस पुलिस ने सोमवार तक ऑनलाइन नहीं किया है। बड़शामी कोर्ट में पेशी से पहले टॉयलेट गए। तो पुलिस की बजाए दरवाजा पकड़े उनके परिवार का युवक खड़ा था। जब वे सीढ़ियां चढ़ रहे थे तब भी उनके करीबी पास दिखे।

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