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कुरुक्षेत्र. प्रदेश में गुरुकुल के प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देने को सरकार भी कमर कस रही है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती का माहौल तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों से 500-500 किसानों को ट्रेनर के रूप में ट्रेनिंग दी जाएगी। ये ट्रेनर आगे किसानों को इस खेती बारे बताएंगे।
सरकार ने एक लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे लेकर गुरुकुल में गुरुवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से पद्मश्री सुभाष पालेकर कृषि कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। साथ ही वर्कशाप भी हुई जिसमें सीएम के अलावा कई मंत्री व विधायक भी शामिल हुए। इन सभी को प्राकृतिक खेती तकनीक से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गुजरात के राज्यपाल आचार्य डाॅ. देवव्रत ने विधिवत कार्यशाला का शुभारंभ किया। दो करोड़ 11 लाख में बने प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। सभी को मिर्जापुर के पास गुरुकुल के फार्म हाउस पर प्राकृतिक खेती भी दिखाई। सीएम ने कहा कि आज प्रकृति बचाना जरूरी है। प्रकृति के संतुलन में मनुष्य की भूमिका अहम है।
उत्पादन बढ़ाने और जल्द उत्पादन के लिए रसायनों व कीटनाशक दवा का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है जिसके चलते कई समस्याएं गहराई हैं। इसके लिए पद्मश्री सुभाष पालेकर के विचारों को अपनाकर प्राकृतिक खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा। गुजरात के राज्यपाल आचार्य डाॅ. देवव्रत ने कहा कि किसानों को जैविक खेती और प्राकृतिक खेती के अंतर को समझना होगा। जैविक खेती से किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है इसलिए सभी को प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए।
कहा- एक लाख एकड़ में होगी खेती
सीएम ने बताया कि सरकार ने इस वर्ष अपने बजट में एक लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक कृषि का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए कृषकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों के दिल में से भय निकालने और विश्वास पैदा करने के लिए किसानों को सबसे पहले प्रशिक्षित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए देशी गाय के संवर्धन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। गाय सेवा आयोग के बजट को भी बढ़ाकर 50 करोड़ किया है। सरकार ने अभी तक प्रदेश में 500 एफपीओ स्थापित किए हैं। आने वाले समय में एक हजार और एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य है।
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