सूरत-ए-हाल / लॉ प्रेशर के कारण 25 अस्थायी टॉयलेट में नहीं पहुंचा पानी, टोंटियां तक हो गईं चोरी



हुडा पार्क के पास देखरेख के अभाव में खस्ताहाल पड़े महिला व पुरुष शाैचालय। हुडा पार्क के पास देखरेख के अभाव में खस्ताहाल पड़े महिला व पुरुष शाैचालय।
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हुडा पार्क के पास देखरेख के अभाव में खस्ताहाल पड़े महिला व पुरुष शाैचालय।हुडा पार्क के पास देखरेख के अभाव में खस्ताहाल पड़े महिला व पुरुष शाैचालय।

  • नगर परिषद ने जुलाई में 16 स्थानों पर 15 लाख की लागत से रखवाए थे 32 अस्थायी शौचालय, शुरू होने से पहले ही हो गए क्षतिग्रस्त

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 04:48 AM IST

भिवानी. नगरपरिषद आठ महीने बाद भी शहर में 16 स्थानों पर 32 सार्वजनिक टेम्परेरी टॉयलेट को ठीक से स्थापित नहीं कर पाई। 25 टॉयलेट ऐसे हैं जिनकी टंकियों में लो प्रेशर के चलते पानी नहीं पहुंचा और लोगों ने उनका उपयोग करना शुरू कर दिया। अधिकतर टॉयलेट में फ्लश सिस्टम, टोंटी व पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शौचालयों में न बिजली व्यवस्था और न ही सफाई का कोई प्रबंध। इसके कारण आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


नप ने जुलाई माह में शहर में 16 स्थानों पर 15 लाख की कीमत से 32 अस्थायी शौचालय रखे थे। प्रत्येक स्थान पर पुरूष व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय थे, ताकि आम आदमी को शौच आदि के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े और शहर में स्वच्छता बनी रहे। चिह्नित स्थानों पर शौचालय रखकर पानी व सीवर के कनेक्शन लगाए गए। लोगों ने इनका उपयोग भी किया लेकिन उचित देखभाल व साफ सफाई न होने के कारण अब ये शौचालय क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।


ये है शौचालयों की हालत

  •  लघु सचिवालय के सामने रखे शौचालय की भी नप साफ सफाई नहीं रख पाई। लघु सचिवालय के आसपास कोई शौचालय सुविधा न होने के कारण यहां शौचालय रखवाए गए थे। लघु सचिवालय के बाहर आए दिन सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे लोगों को काफी फायदा हो रहा था। लेकिन लघु सचिवालय के गेट पर 24 घंटे पुलिस सुरक्षा के बावजूद शौचालय में लगी टोंटी चोरी हो गईं।
  •  हुडा पार्क के नजदीक रखे शौचालय भी क्षतिग्रस्त है। फ्लश सिस्टम व पाइप क्षतिग्रस्त है। टोंटी भी गायब है व सफाई शायद कभी नहीं हुई।
  •  ऐसी ही हालत बीटीएम चौक, बंसीलाल पार्क क्षेत्र सेक्टर 13 मोड़, रोहतक चौक, बासिया भवन आदि स्थानों पर रखे शौचालय की बनी हुई है।
  •  सराय चौपटा क्षेत्र में रखे शौचालय पर ताला लटका है। इस शौचालय में पानी का कनेक्शन भी जोड़ा गया था, लेकिन टंकी में पानी नहीं चढ़ पाया। सराय चौपटा क्षेत्र में नप का कोई शौचालय नहीं है।

ये है अव्यवस्था की बड़ी वजह

  •  पानी के लो प्रेशर के कारण टंकियों में पानी चढ़ पाया। शहर में अधिकतर स्थानों पर लोग पेयजल लाइनों पर बिजली की मोटर लगाते है। जिससे लाइनों में लो प्रेशर की समस्या रहती है। उक्त टॉयलेट में फिलहाल बिजली की व्यवस्था नहीं है और न ही टॉयलेट की टंकियों में पानी चढ़ाने के लिए मोटर लगाई गई है।
  •  शरारती तत्वों ने अधिकतर सार्वजनिक टॉयलेटों से टोंटी निकाल ली है। फ्लश पाइप भी गायब है। पानी व फ्लश पाइप न होने से ये टॉयलेट उपयोग में नहीं लाई जा सकती है।
  •  शहर में अधिकतर स्थानों पर शौच आदि के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है। जब लोग सार्वजनिक स्थानों पर टॉयलेट रखी देखते है तो उनका उपयोग करते है भले ही यह टॉयलेट उपयोग के लायक नहीं है।
  •  टॉयलेट उपयोग के लायक न होने के कारण इनकी साफ सफाई भी कर्मचारी नहीं करते। जिसके कारण इनकी हालत खस्ता है।

ये विभाग हैं जिम्मेदार
उक्त सार्वजनिक टॉयलेट की खस्ता हालत में लिए नप व कंपनी कर्मचारी जिम्मेवार है। क्योंकि कंपनी को यह कार्य दो महीनों में पूरा करना था और आठ महीने बाद भी पूरा नहीं कर पाई। जिन टॉयलेट का कार्य पूरा हुआ उनमें पानी नहीं पहुंचा, लेकिन नगरपरिषद इनमें साफ सफाई की व्यवस्था नहीं करवा पाई। कुछ हद तक पुलिस प्रशासन भी इसके लिए जिम्मेवार है। क्योंकि सार्वजनिक टॉयलेट में लगी टोंटी व अन्य उपकरण चोरी हो चुके है।

बिना पानी प्रयोग कर रहे थे लोग

जहां शौचालय रखवाए गए हैं वहां अधिकांश क्षेत्रों में लो प्रेशर की कमी केे चलते इन की टंकियों में पानी नहीं चढ़ पाया। लोगों ने बिना पानी के ही इनका प्रयोग करना शुरू कर दिया जिसके चलते इनकी हालात ऐसी बन गई है। एक महीने में व्यवस्था सुधर जाएगी।

-विकास, सफाई निरीक्षक।


 

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