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स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में शहर की बेस्ट रैंकिंग के लिए दौड़ शुरू, पहली बार निगम ने तैयार की जैविक खाद

3 वर्ष पहले
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में टॉप करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने पहली बार पार्कों के पौधों के लिए जैविक खाद तैयार की है। यह खाद पार्क के पौधों की पत्तियों व गार्डन के अन्य वेस्ट से तैयार की गई। इसकी शुरुआत मधुबन पार्क और लघु सचिवालय काॅलोनी पार्क से की गई। यह खाद गड्ढे से निकाली गई। मधुबन पार्क की खाद क्वालिटी की एक्सपर्ट जांच करवाई जाएगी, ताकि खाद की क्वालिटी को बेहतर करने के लिए सुधार की जरूरत है तो उसे किया जाए। उधर, नगर निगम एसई रामजीलाल ने सफाई शाखा अफसरों की बैठक कर फैसला लिया है कि आगामी समय में शहर के सभी गोद दिए पार्कों में गार्डन वेस्ट व रसोई वेस्ट से खाद तैयार की जाएगी। बैठक में सीएसआई सुभाष सैनी, एसआई राजेश मौजूद थे।

बड़े स्तर पर खाद तैयार करने के लिए जगह का एसई ने किया दौरा

निगम दायरे में घरों से निकलने वाले रसोई वेस्ट को आगामी समय में खाद में परिवर्तन करने के लिए नगर निगम ने प्रयास शुरु किए है। एसई के नेतृत्व में सीएसआई सुभाष सैनी व उनकी टीम ने सिरसा रोड स्थित डंपिंग स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ली गई जमीन का दौरा किया। दौरे का उद्देश्य शहर से निकलने वाले रसोई वेस्ट को खाद में बदलने के लिए प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाना है। जगह का फैसला बाद में स्टाफ के साथ बैठक कर लिया जाएगा।

खाद तैयार करने में जनता की भागीदारी की सुनिश्चित
नगर निगम ने खाद तैयार करने के लिए शहरवासियों को भी अपने प्रोजेक्ट से जोड़ा है। सीटीएल जसबीर सिंह ने बताया कि गांव सातरोड और तोशाम रोड पर महात्मा गांधी अस्पताल के पास नगर निगम ने खाद प्लांट लगाए हैं, जहां खाद तैयार की जा रही है। इसमें लोगों के घरों से निकलने वाले रसोई वेस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में जनता प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खाद प्लांटों से जुड़ रही है। इसके अलावा करीब 100 घरों में जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया छोटे स्तर पर शुरू हो चुकी है। जिसमें आजाद नगर, माडल टाउन, अर्बन एस्टेट व सातरोड सहित कई एरिये शामिल हैं।

खाद प्लांट का ये होगा लाभ
रसोई वेस्ट का सही तरीके से होगा निपटान।

पार्कों में गार्डनिंग वेस्ट जलाने के मामले कम होंगे।

इसी खाद के इस्तेमाल से पौधे जल्द तैयार हो सकेंगे।

अगर ज्यादा खाद तैयार होती है, प्रशासन के पास इसे बेचकर आय कमाने का भी विकल्प है।

गीला वेस्ट खुले में फेंके जाने से बचाव होगा जिससे पर्यावरण सरंक्षण होगा।

जैविक खाद से तैयार फसल उत्पादन में बेहतर होती है। वह फसल स्वास्थ्य के लिए अच्छी है।

जैविक खाद से पौधों में नमी लंबे समय तक रहती है। जो पौधे के लिए लाभकारी है।

हमारा उद्देश्य शहर में कचरे का सेग्रीगेशन करना और शहर को स्वच्छ बनाना है। यदि शहरवासी रसोई वेस्ट काे अलग कर खाद तैयार करने में प्रशासन का नियमित सहयोग करेंगे तो भविष्य में सभी के संयुक्त प्रयास से “स्वच्छ सर्वेक्षण 2019’ में हिसार की रैंकिंग को ओर बेहतर करने में सहयोग मिलेगा। इसके लिए निगम प्रशासन कार्यरत है।- रामजीलाल, एसई, नगर निगम हिसार।

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