सिरसा / सुपरिंटेंडेंट को उच्चतर शिक्षा विभाग ने जबरन दी रिटायरमेंट

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • प्राइवेट कॉलेजों काे बिना एनओसी दे दी थी दाखिला करने की मंजूरी

दैनिक भास्कर

Nov 02, 2019, 06:09 AM IST

सिरसा (भूपेंद्र पंवार). उच्चतर शिक्षा विभाग में लाखों रुपए की रिश्वत लेकर काम करने के आरोपी एक अधिकारी को समय से पहले रिटायर कर दिया गया। इसका आदेश उच्चतर शिक्षा विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी ने जारी किया था। आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेगी। सुपरिंटेंडेंट ने प्रदेशभर के कई प्राइवेट कॉलेजों को लिंक ऑफिसर की बिना मंजूरी मिले ही दाखिला करने का मौका दे दिया था।


उच्चतर शिक्षा विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी ए. श्रीनिवास ने 26 सितंबर को ऑर्डर जारी किए कि विभाग के पंचकूला स्थित ऑफिस में कार्यरत अधीक्षक राजीव मोंगा को 1 नवंबर 2019 से वोलेंटिरिली रिटायर माना जाए। इस प्रकार 31 अक्टूबर को राजीव मोंगा को सेवानिवृत्ति दे दी गई। जून माह में शिकायत की जांच के दौरान उच्चतर शिक्षा विभाग में लाखों रुपयों की रिश्वत लेकर सेल्फ फाइनांस कॉलेजों को लाभ दिए जाने के मामले का खुलासा हुआ था। खुलासा होने पर विभाग के तात्कालीन महानिदेशक (लिंक अॉफिसर) का कार्यभार देख रहे डॉ. राकेश गुप्ता ने विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और सुपरिटेंडेंट की संलिप्तता की भूमिका की जांच और एफआईआर के आदेश दे दिए। 

 

ये है पूरा मामला और ऐसे हुआ खुलासा

प्रदेश भर में चल रहे सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को उच्चतर शिक्षा विभाग के पास गारंटी के तौर पर फीस जमा करवानी पड़ती है, पर ऑडिट जांच में खुलासा हुआ कि 16 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ऐसे हैं, जिनकी बैंक गारंटी नहीं है। इसलिए जून में उच्चतर शिक्षा विभाग ने इन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन इसी बीच नए शिक्षा सत्र के लिए दाखिला शुरू हो गए। उच्चतर शिक्षा विभाग ने वेब पोर्टल पर इन प्राइवेट कॉलेजों का लिंक बंद कर रखा था, ताकि फीस जमा करवाने तक ये कॉलेज दाखिला ना कर पाएं। डॉ. राकेश गुप्ता के पास उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक का चार्ज लिंक ऑफिसर के तौर पर आए।

 

इन्होंने एक-दो दिन में इन कॉलेजों को लेकर फैसला लेना ही था। कॉलेज-2 ब्रांच के डिप्टी डायरेक्टर और सुपरिंटेंडेंट ने 5 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज प्रशासन से मिलीभगत कर उनके कॉलेजों में दाखिला के लिए वेब पोर्टल खोल दिया, मंजूरी महानिदेशक और लिंक ऑफिसर यानी डॉ. राकेश गुप्ता से लेनी जरूरी थी। डॉ. गुप्ता को जानकारी मिली तो और फाइलें भी खंगाली। खुलासा हुआ कि रिश्वत लेकर डिप्टी डायरेक्टर के साथ मिलकर सुपरिंटेंडेंट ने कॉलेजों का पोर्टल दाखिला खुलवाया है। महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने विभागीय जांच के आदेश दिए थे। अब विभाग ने उक्त अधिकारी काे समय से पहले सेवानिवृत्ति दे दी, पर रिटायरमेंट के बाद भी जांच जारी रहेगी। इस संबंध में तात्कालीन लिंक ऑफिसर डॉ. राकेश गुप्ता से बात की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। 

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