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जीजेयू में नहीं है विभिन्न सब्जेक्ट के डिपार्टमेंट एनवायरमेंटल विषय ने भी बढ़ाया स्टूडेंट पर बोझ

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:17 AM IST

Hisar News - जीजेयू से जुड़ने के बाद कॉलेजोंं को निरंतर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेजों में जो मुख्य सब्जेक्ट हैं...

Hisar - gju does not have different subjects39 department environment theme too burdened on extended students
जीजेयू से जुड़ने के बाद कॉलेजोंं को निरंतर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेजों में जो मुख्य सब्जेक्ट हैं उनके डिपार्टमेंट ही जीजेयू में नहीं है, जिसके चलते कॉलेजो में सिलेबस से लेकर एग्जाम फार्म भरने तक की समस्या सामने आ रही है। जिले के 29 डिग्री कॉलेज पिछले वर्ष ही जीजेयू के अंडर आए थे। जिनमें से 3 डिग्री कॉलेज वापस केयूके में शामिल हो चुके हैं। वहीं बाकी बचे कॉलेजों में भी विवि की कार्यप्रणाली पर रोष है, इसके चलते कॉलेज वापस केयूके से जोड़े जाने का मामला भी उठा चुके हैं।

जीजेयू में नहीं है इन सब्जेक्ट के डिपार्टमेंट

कॉलेज प्रबंधकों के अनुसार कॉलेजों में पढ़ाए जाने वाले सब्जेक्ट हिंदी, अंग्रेजी, पॉलिटिकल साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स के डिपार्टमेंट जीजेयू में नहीं हैं। इसके चलते विभिन्न विषयाें के सिलेबस सहित परीक्षाओं, रिजल्ट में देरी व अधिक फीस जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

एनवायरमेंटल साइंस का बढ़ाया बोझ

विवि की ओर से कॉलेजों पर एनवायरमेंटल साइंस विषय भी अतिरिक्त विषय के रूप में जोड़ा गया है। इस विषय को प्रदेश की अन्य यूनिवर्सिटी ने सिर्फ एक स्टडी विषय के रूप में लिया है। जीजेयू की ओर से एनवायरमेंटल साइंस विषय के अंक भी अन्य विषयों की तरह जोड़े जाते हैं, ऐसे में स्टूडेंट्स को इस विषय के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ती है।

डिपार्टमेंट की जरूरत नहीं


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