हौसला बड़ी चीज / खुद इंटरनेशनल खिलाड़ी नहीं बन सके, लेकिन कर्ज लेकर तीनों बेटों को दिलाई हैंडबॉल ट्रेनिंग, मचा रहे धमाल



गांव बरहाणा के अमित अाैर सुमित। गांव बरहाणा के अमित अाैर सुमित।
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गांव बरहाणा के अमित अाैर सुमित।गांव बरहाणा के अमित अाैर सुमित।

  • हैंडबाॅल के इंटरनेशनल खिलाड़ी सुमित, नवीन, अमित अपने भाई काेच नफे सिंह के साथ खेल महाकुंभ में पहुंचे

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2019, 05:04 AM IST

हिसार. झज्जर के बरहाणा गांव के हैंडबाॅल खिलाडी रहे राजपाल सिंह खुद इंटरनेशनल खिलाड़ी नहीं बन सके ताे उन्हाेंने अपने बेटाें काे तैयार करने की ठानी। परिवार की अार्थिक स्थिति ठीक नहीं हाेने के कारण बेटाें काे हैंडबाॅल की ट्रेनिंग दिलाने से लेकर खाने-पीने के खर्च में करीब पचास हजार के कर्ज तले दब गए। मगर राजपाल ने हिम्मत नहीं हारी।

 

खेती-बाड़ी के साथ-साथ बड़े बेटे नफे सिंह के साथ मिलकर खुद ही बेटाें काे हैंडबाॅल की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। अब तीन बेटे जहां इंटरनेशनल स्तर पर धमाल मचा रहे हैं। वहीं एक बेटा दिल्ली पुलिस में तैनात है। दूसरा रेलवे में क्लर्क है। रविवार काे तीनाें भाई इंटरनेशनल खिलाड़ी सुमित, नवीन, अमित अपने भाई काेच भाई नफे सिंह के साथ महाबीर स्टेडियम में चल रहे खेल महाकुंभ में पहंुचे, जहां अपने संघर्ष के किस्से साझा किए।

 

पिता और भाई ने नहीं छाेड़ी उम्मीद, आगे बढ़ने काे देते रहे हैंडबाॅल के टिप्स

राजपाल के बेटे सुमित ने बताया कि उसने वर्ष 2018 में पाकिस्तान में हुई अाईएचएफ ट्राॅफी में भागीदारी की। इसमें शानदार प्रदर्शन कर गाेल्ड झटका। 2018 में ही थाईलैंड में हुए अाईएचएफ कप में तीसरा स्थान पाया। 16 नेशनल अाैर 20 राज्य स्तर की प्रतियाेगिताअाें में वह गाेल्ड मेडल जीत चुका है। सुमित ने परिवार की हालत शुरू में ठीक नहीं थी। पिता अाैर भाई नफे सिंह की कड़ी मेहनत की बदाैलत ही वह यहां तक पहुंचा है। उसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिता का नाम राेशन करना है।

 

नवीन व अमित ने पाकिस्तान तक का तय किया सफर

सुमित के भाई अमित अाैर नवीन ने भी राज्य से लेकर नेशनल, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। नवीन ने पाकिस्तान अाैर थाईलैंड में हुए अाईएचएफ कप में गाेल्ड मेडल जीते थे। इसके अलावा 30 से अधिक नेशनल अाैर राज्यस्तर की प्रतियाेगिताअाें में गाेल्ड हासिल किए। पिता अाैर गांव का नाम राेशन कर चुके हैं। खेल की बदाैलत ही अमित रेलवे में क्लर्क के पद पर भर्ती हाेकर सेवाएं दे रहा है। अमित भी तमिलनाड़ु, छत्तीसगढ़, पूणे में हुई नेशनल हैंडबाॅल प्रतियाेगिता में गाेल्ड 
झटक चुका है। 

 

चाैथा भाई नफे सिंह दिल्ली पुलिस में तैनात

चाैथा भाई नफे सिंह भी हैंडबाॅल का खिलाडी रहा है। वर्तमान में वह दिल्ली पुलिस में सिपाही है। वर्तमान में वह समय निकालकर भाइयाें अाैर अन्य काे हैंडबाॅल की ट्रेनिंग देेते हैं। हैंडबाॅल काेच नफे सिंह, अनूप कस्वां का कहना है कि यदि मन में ठान लिया जाए ताे किसी भी मंजिल काे छुअा जा सकता है। लक्ष्य बनाकर खिलाड़ी काे कड़ी मेहनत करनी चाहिए। 

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