कुश्ती / महिला रेसलरों ने सिर मुंडाया ताकि मुकाबले के बीच मिला 30 सेकंड का रेस्ट बाल संवारने में बर्बाद न हो

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 04:14 PM IST


हरियाणा के उमरा गांव में बढ़ा कुश्ती का क्रेज। हरियाणा के उमरा गांव में बढ़ा कुश्ती का क्रेज।
गांव में खेल अभ्यास करने वाली चार लड़कियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते। गांव में खेल अभ्यास करने वाली चार लड़कियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते।
लड़कियों के बाल मुंडाने के फैसले पर उनके परिवारवालों और कोच ने भी सहमति जताई है। लड़कियों के बाल मुंडाने के फैसले पर उनके परिवारवालों और कोच ने भी सहमति जताई है।
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हरियाणा के उमरा गांव में बढ़ा कुश्ती का क्रेज।हरियाणा के उमरा गांव में बढ़ा कुश्ती का क्रेज।
गांव में खेल अभ्यास करने वाली चार लड़कियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते।गांव में खेल अभ्यास करने वाली चार लड़कियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते।
लड़कियों के बाल मुंडाने के फैसले पर उनके परिवारवालों और कोच ने भी सहमति जताई है।लड़कियों के बाल मुंडाने के फैसले पर उनके परिवारवालों और कोच ने भी सहमति जताई है।

  • उमरा गांव की 30 बेटियों के इस फैसले का असर मुकाबलों में नजर आ रहा
  • कुश्ती के दौरान बाधा बनते थे लंबे बाल और चोटी

हिसार. कुश्ती में बेहतर प्रदर्शन के लिए हरियाणा के एक गांव की 30 बेटियों ने मुंडन करा लिया। उनका मानना है कि 3-3 मिनट के मुकाबले में मिलने वाले 30 सेकंड के रेस्ट में वे बालों को सुलझाने में ही लगी रहती थीं।  ऐसे में उन्हें कूल और रिफ्रेश होने का वक्त नहीं मिल पाता था। मैच के दौरान भी चोटी और बड़े बाल बाधा बनते थे। उनके इस फैसले के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। 

हॉकी खिलाड़ियों के लिए मशहूर है उमरा गांव

  1. खास बात है कि उमरा गांव अपने धुरंधर तीरदाजों और हॉकी खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। अब कुश्ती में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाली गांव की बेटियों के इस फैसले से कोच और उनके परिजन भी सहमत हैं।

  2. गांव की 4 बेटियों ने जीते पदक

    कोच राजेश ने बताया कि गांव के गुरु हवासिंह अखाड़े में फिलहाल 30 लड़कियां कुश्ती का अभ्यास कर रही हैं। इनमें से ज्यादातर ने सिर मुंडवा रखे हैं, जो बची हैं उनके बाल भी छोटे ही हैं। गांव की चार बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं।

  3. रेसलर मंजू ने 2016 में सीनियर कॉमनवेल्थ सिंगापुर में 58 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड और प्रो रेसलिंग में भी मेडल जीता था। वहीं, मोनिया 2018 में दक्षिण अफ्रीका में कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीत चुकी हैं। 100 से ज्यादा बच्चों ने नेशनल लेवल पर मेडल जीते हैं। अखाड़ा प्रमुख हवासिंह, कोच विक्रम और कर्मवीर उन्हें कुश्ती के दांव सिखाते हैं।

  4. ज्योति ने जीत दर्ज कर साबित कर दिया

    इन दिनों हिसार के महावीर स्टेडियम में खेल महाकुंभ के तहत स्पर्धाएं हो रही हैं। गांव की कुश्ती खिलाड़ी जूनियर और सीनियर वर्ग में खेल रही हैं। शनिवार को रेसलर ज्योति के मुकाबले में उनके सिर मुंडाने का असर दिखा। वह पहले राउंड में विरोधी खिलाड़ी पर हावी रहीं, उन्होंने 51 किलोग्राम वर्ग में पहला स्थान हासिल किया।

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