पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एक साल में 60 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई इतनी ही बाकी, एजेंसी मांग रही एक्सटेंशन टाइम

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

अमरुत योजना के तहत शहर में पेयजल लाइन बिछाने का काम एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक एजेंसी केवल 60 किलोमीटर लाइन बिछा पाई है। शहर में एजेंसी काे करीब 120 किलोमीटर की लाइन बिछानी थी। मगर एजेंसी अभी करीब 60 किलोमीटर से ज्यादा और लाइन बिछानी बाकी है। एजेंसी और टाइम मांग रही। गलियों को खोदकर छोड़ा गया है, इसके कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। अमरुत योजना में सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने का काम जनवरी 2019 में शुरू किया गया था। सीवरेज लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में हैं जबकि पेयजल लाइन बिछाने वाली एजेंसी अभी तक सिर्फ 50 फीसदी ही काम पूरा कर पाई है। अमरुत योजना के तहत सबसे अधिक कार्य वार्ड नंबर 11 में किया जाना है। इस वार्ड में छोटी व बड़ी सातरोड दोनों को शामिल किया था। पूरे गांव में सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। सातरोड की मुख्य गलियां टूटी होने के कारण अब बारिश में दलदल बन चुकी है।

एक्सईएन ने किया गुजरात का दौरा

एजेंसी को शहर में 137 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का टेंडर मिला हुआ है। मगर इनमें से करीब नौ किलोमीटर का एरिया अवैध कॉलोनियों का था, जहां अब पाइप नहीं बिछाई जाएंगी। इस तरह एजेंसी को करीब 130 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछानी थी। इनमें से 60 किलोमीटर पाइप लाइन ही बिछ पाई है। एजेंसी के पास गुजरात से पाइपें सप्लाई होती हैं मगर इनकी संख्या पर्याप्त नहीं है। यही कारण है कि निगम के एक्सईएन संदीप धुंधवाल पाइपों की जांच करने गुजरात गए।

एजेंसी ने करीब 60 किलोमीटर पेयजल लाइन बिछा दी है। काम अपेक्षा से धीमे चल रहा है। गुजरात से पाइपों की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हुई है। उम्मीद है, पाइपों की सप्लाई बढ़ेगी और काम जल्द पूरा होगा।\\\'\\\' - संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम।
खबरें और भी हैं...