पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कोरोना का असर, चीनी आइटम्स की डिमांड कम, देशी पिचकारियों की लगी स्टॉल

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना वायरस का असर होली पर भी दिखाई देने लगा है। लोग चीन की आइटमों से तौबा करने लगे हैं व मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ गई है।

वायरस का असर ऐसा है कि इस बार विदेशी नहीं बल्कि देसी रंग, पिचकारी से लोग त्यौहार मनाएंगे। चीन से फैले कोरोना वायरस का असर बाजार पर दिख रहा है। चाइनीज वस्तुओं के आयात का असर होली पर दिखाई दे रहा है। होली का त्योहार 10 मार्च को मनाया जाएगा। चीन से इस बार रंग, पिचकारी व उपहार आइटमों का आना बंद है। जिसकी वजह से इस बार होली पर चीन की नहीं बल्कि देसी पिचकारी से रंग बरसेगा। कुछ दुकानदार पुराने स्टॉक से ही काम चला रहे हैं। बाजार में रंग गुलाल की बिक्री वर्ष 2019 के मुकाबले कम है। होली पर्व पर शहर में छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों के पास लाखों रुपये का माल बेचा जाता था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से अबकी बार डिमांड कम हो गई है। जिसका असर होली पर होने वाले कारोबार पर दिख रहा है। इस त्यौहार पर रंग गुलाल, स्प्रे, बैलून व स्ट्रे बैलून की खूब मांग होती है। चीन में बनने वाले इन आइटमों की मांग इस बार कम है। हालांकि बाजार से चीनी उत्पादों के गायब होने से ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिल रहा है। कोरोना वायरस के डर से स्टॉकिस्ट नया माल नहीं मंगा रहे हैं। इसके चलते स्वदेशी माल की मांग ज्यादा बढ़ गई है।

सोशल मीडिया पर किया जा रहा प्रचार : कोरोना वायरस के चलते होली के सीजन पर सावधान रहने के लिए पिछले कई दिन से सोशल मीडिया पर प्रचार किया जा रहा है। कई सोशल साइट्स पर कोरोना से बचने के लिए चीन में निर्मित उत्पादों का इस्तेमाल न करने के साथ ही होली के बाजार में इन उत्पादों से दूर रहने को लेकर जागरूक किया जा रहा।

रंगों की बिक्री पर पड़ा जबरदस्त असर : चीन के रंगों व गुलाल से लोग तौबा कर रहे हैं तो साथ ही होली से संबंधित अन्य आइटम की बिक्री पर भी जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। अब तक पिछली होली की तुलना में इस बार बाजार में करीब 40 प्रतिशत व्यापार कम हुआ नजर आ रहा है। क्योंकि लोग चाइनीज आइटम से परहेज कर रहे हैं। इन्हीं की डिमांड ज्यादा हुआ करती थी। चाइनीज से कई तरह की पिचकारी, अलग-अलग क्वालिटी के रंग, गुलाल आते हैं। होली से संबंधित पटाखे भी खूब बिका करते थे। होली के हुल्लड़ का मजा बढ़ाने के लिए चाइना से मुखौटसहित कई फैंसी आइटम आती थी। लेकिन अब इन आइटम को खरीदने वाले कम ही आ रहे हैं।

देसी गुलाल, पिचकारी, रंग की डिमांड बढ़ी


कोरोना वायरस के चलते बाजार में एक सकारात्मक बात यह सामने आई। इस बार बाजार में देसी रंग, गुलाल व पिचकारी की डिमांड बढ़ी है। पिछले कई साल से होली पर चाइनीज आइटम की ही डिमांड रहती थी। इसके चलते देसी आइटम के खरीदार बहुत कम रह गए थे तो साथ ही दुकानदार भी देसी सामान कम ही लाते थे। चिकित्सकों के अनुसार होली पर्व पर सूखे रंग से होली खेलने से बचे। सूखा रंग हवा में मिलकर नाक और मुंह के जरिए शरीर के अंदर पहुंच जाता है। जो कि दमा और सांस जैसी बीमारियों को जन्म देता है।

ये रखें सावधानी

{होली में इस्तेमाल होने वाले रंगों में मेटल ऑक्साइड मिला होता है, जो बालों को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए रंगों से खेलने से पहले बालों पर नारियल या सरसों का तेल लगाए।

{होली में रंग खेलने से पहले शरीर पर तेल लगा लें। जिससे रंग ज्यादा देर तक शरीर पर नहीं रहेगा।

{कान, नाक, आंख के आसपास वैसलीन लगा लें, ताकि हानिकारक रंग त्वचा के अंदर न जा सके।

{होली में लगे रंग को उतारने के लिए लोग अक्सर गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं, जबकि इससे रंग और ज्यादा पक्का हो जाता है। इसके अलावा स्किन भी सूख जाती है।

पुलिस के प्रबंध : हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए पीसीआर व बाइक राडर रहेंगे तैयार

हांसी | पुलिस प्रशासन ने होली व फाग के त्यौहार को सौहार्दपूर्ण व शांतिपूर्वक ढंग से मनाने के उदेश्य से व्यापक पुलिस सुरक्षा प्रबंध किए हैं। जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना और यातायात को सुचारू रूप से चालाने के साथ-साथ पुलिस विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेगा। पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि होली व फाग के दिन पटाखे जैसी आवाज करने वाले मोटरसाइकिल सवारों व अन्य शरारती तत्वों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। जिला पुलिस ने सभी थानों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। त्यौहार के दिन हर नियमित अन्तराल के बाद सभी पीसीआर व मोटर साइकिल राइडर हर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते नजर आएंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देखने में आया है कि कुछ मोटर साइकलों के साइलेंसर पटाकों जैसी आवाज करते हैं जो गैरकानूनी है। ऐसे वाहनों काे इंपाउंड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न थानों के अंतर्गत अति संवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्रों की भी पहचान कर ली गई है। ऐसे क्षेत्रों पर भी साधारण कपड़ों में पुलिस कर्मी पैनी निगाह रखेंगे। उन्होंने पुलिस जिलावासियों से सौहार्दपूर्ण तरीके से होली व फाग त्यौहार मनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कानून व शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करें।

कैमिकल वाले रंगों से बचें। इसकी बजाए हर्बल रंग लगाएं। आंख में रंग जाए तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। होली पर सिविल अस्पताल में पूरे प्रबंध किए गए हैं। शाम व रात की शिफ्ट में दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है। स्टॉफ भी दोगुना लगाया है।\\\'\\\' -डॉ. राहुल बुद्धिराजा, कार्यकारी एसएमओ, सिविल अस्पताल|

होली पर बाजारों में लगी देशी पिचकारियों की स्टालें।
खबरें और भी हैं...