शहर में अपराध और अप

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:46 AM IST

Hisar News - शहर में 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए कैमरों को यूपीएस से जोड़ा था, जिनमें से 60 फीसदी रहते हैं बंद, निगम ने ठेकेदार की...

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शहर में 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए कैमरों को यूपीएस से जोड़ा था, जिनमें से 60 फीसदी रहते हैं बंद, निगम ने ठेकेदार की पेमेंट रोकी, नोटिस जारी


शहर में अपराध और अपराधी सहित अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 13 चौराहों पर सांसद निधि से लगे सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे पावर सप्लाई देने के लिए यूपीएस से जोड़ा गया था। इस कार्य पर करीब 13 लाख रुपये भी खर्च हुए थे। विडंबना यह कि पिछले काफी समय से 60 फीसदी कैमरे बंद रहते हैं। काेई ऑफलाइन है तो कोई नो वर्किंग है। इस मामले पर नगर निगम प्रशासन की टेक्निकल ब्रांच ने कड़ा संज्ञान लेते हुए ठेकेदार की पेमेंट की पूरी पेमेंट को रोक दिया है। इसके साथ ही नोटिस जारी किया है।

बता दें कि पिछले काफी समय से निगम प्रशासन को कैमरे नहीं चलने की शिकायतें मिल रहीं थी। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उक्त कदम उठाया गया है। ठेकेदार को चेताया है कि तुरंत प्रभाव से कैमरों को शुरू करे ताकि शहर की मॉनिटरिंग व पुलिस इनवेस्टीगेशन का काम आसान हो जाए।

जानिए पूरा मामला .... सांसद निधि से 13 चौराहों पर लगाए गए थे 42 सीसीटीवी कैमरे

सांसद दुष्यंत चौटाला ने शहर के 13 चौराहों पर 42 कैमरों लगवाए थे, लेकिन पावर सप्लाई बाधित होने के कारण कुछ कैमरे खराब हो गए थे और काफी बंद रहने लगे थे। इस वजह से पुलिस कंट्रोल रूम में लगी मॉनिटर स्क्रीन पर ब्लैक आउट छाया रहता था। इसे दूर करने के लिए कैमरों को 24 घंटे पावर सप्लाई के लिए यूपीएस से जोड़ने के लिए एस्टीमेट तैयार हुआ था। करीब 12-13 लाख रुपये की लागत से ठेकेदार ने कैमरों को ठीक करके यूपीएस से जोड़ने का काम किया था। इसके बावजूद अब भी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।

- यूपीएस लगने से पहले नगर निगम की लापरवाही के कारण कैमरों को स्ट्रीट लाइट कनेक्शन से जोड़ दिया था। इसके कारण हाई वोल्टेज से कैमरे व उपकरण नष्ट हो गए थे। इसकी वजह से पुलिस कंट्रोल रूम में लगी मॉनिटरिंग स्क्रीन पर सिर्फ नो सिग्नल और कैमरा नो वर्किंग का मैसेज डिस्पले हो रहा था। इन कैमरों के बंद होने से पुलिस को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। वारदात को अंजाम देकर फरार होने वाले अपराधियों और वाहन चोरों की फुटेज हाथ ना लगने पर केस ट्रेस में लंबा समय लग रहा है।

पुलिस कंट्राेल रूम में लगी स्क्रीन पर कैमरे बंद का सिग्नल ।

यह मामला संज्ञान में आया है। ठेकेदार की पेमेंट को रोका हुआ है। जब तक सही ढंग से यूपीएस व कैमरा इंस्टालेशन का काम पूरा नहीं करते, एक रुपया भी जारी नहीं होगा। इसके साथ ही नोटिस जारी किया है। -रामदिया शर्मा, जेई, नगर निगम।

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