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साेशल मीडिया पर हाेली और काेराेना वायरस संबंधी फिशिंग ई-मेल भेज रहे साइबर ठग

एक वर्ष पहले
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साइबर ठगों ने हाेली और काेराेना वायरस काे भी हथियार बनाना शुरू कर दिया है। साइबर ठगाें ने ठगी के लिए हाेली और काेराेना वायरस से बचाव संबंधी ईमेल लाेगाें के पास भेजने शुरू कर दिए हैं।

यही नहीं जहरखुरानी गिरोह काेराेना वायरस काे लेकर ट्रेनाें या फिर रेलवे स्टेशनाें पर मास्क बांटने की अाड़ में यात्रियों काे शिकार बना सकता है। रेलवे पंफ्लेट और लाउड स्पीकर के माध्यम से यात्रियों काे जागरूक कर रहा है। रेलवे ने काेराेना वायरस की आशंका के चलते जहां मास्क बांटने शुरू कर दिए हैं। वहीं हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

काेराेना काे लेकर भेज सकते हैं फिशिंग मेल : काेराेना वायरस काे लेकर हैकर भी सक्रिय हाे गए हैं। हैकरों ने भी साेशल मीडिया काे हथियार बनाना शुरू कर दिया है। लाेगाें के पास फिशिंग मेल भेजनी शुरू कर दी हैं। हालांकि अभी किसी ने पुलिस या फिर अन्य अधिकारियों से मेल भेजने की शिकायत नहीं की है। रेलवे ने लाउडस्पीकर के माध्यम से ई-मेल भेजने वाले हैकरों के खिलाफ जागरूक करना शुरू कर दिया है। अपील की जा रही है कि अनजान मेल काे खाेलकर न देखें। वरना सिस्टम हाे सकता है हैक, यही नहीं पर्सनल डिटेल काे हैकर हासिल करने के बाद खाते में सेंध लगा सकते हैं।

जहरखुरानी गिरोह के सदस्य मास्क बांटने के नाम पर बना सकते हैं शिकार : इसके अलावा ट्रेन व बसाें में सफर करने वाले यात्रियों काे भी जहरखुरानी गिराेह के सदस्य काेराेना वायरस के प्रति जागरूक करने के नाम पर मास्क देने के दाैरान अपना शिकार बना सकते हैं। रेलवे और राेडवेज विभाग यात्रियों काे जागरूक कर रहा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार जहरखुरानी गिरोह के सदस्याें ने लाेगाें काे मास्क के नाम पर नशीला पदार्थ युक्त मास्क देकर उन्हें अपना शिकार बना सकते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पता चला है कि जहरखुरानी गिरोह के सदस्य लाेगाें के पास पहुंचकर स्वयं काे जागरूकता दूत बताकर नशीला पदार्थ लगा मास्क दे रहे हैं, जिसे लगाते ही लाेग बेहाेश हाे जाते हैं।

हालांकि बीकानेर डिविजन में अभी तक जहरखुरानी गिरोह के लूटने का केस सामने नहीं अाया है। ट्रेन में जहां जीआरपी व आरपीएफ स्काॅट लाेगाें से अपील कर रहे हैं कि किसी भी अनजान व्यक्तियों से यात्रा के दाैरान मास्क न लें। वहीं बस में भी चालक और परिचालक इस और लाेगाें काे जागरूक कर रहे हैं।

रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर किया जारी


रेलवे अधिकारियों ने काेराेना वायरस की आशंका काे लेकर मास्क बांटने शुरू कर दिए हैं। यही नहीं यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9001197555, 9001197511 नंबर जारी किए हैं। जिन पर काेराेना के मरीज संबंधी जानकारी दी जा सकती है।


हाेली के ऑफर पर क्लिक करते ही खाली न हाे जाएं खाते


हाेली पर साइबर ठगाें ने कपड़ाें से लेकर लाेन दिलाने संबंधी ई-मेल लाेगाें के पास भेजने शुरू कर दिए हैं। जिसमें लुभावने ऑफर दिए जाते हैं। लुभावने अाफर संबंधी कुछ शिकायतें माैखिक रूप से विभागीय अधिकारियों से भी की गई है।


साइबर एक्सपर्ट विनाेद के अनुसार

यह बरतें सावधानी

काेराेना वायरस या काेविड 19 से बचाव के लिए काेई ई-मेल अाए ताे उसे खाेलने में सावधानी बरतें।

{विदेशी नामाें से अाए ई-मेल पर क्लिक न करें।

{किसी काे सिस्टम पासवर्ड न बताएं।

{कंप्यूटर सिस्टम पर अपनी बैंक डिटेल्स और पासवर्ड सेव करके न रखें।

{प्राइवेट फाेटाे एप में रखें और उसे दूसरा पासवर्ड डालकर प्राेटेक्ट करें।

{ट्रेन में यात्रा करते समय किसी से मास्क न लें।

अनजान मेल आदि को न खोलें, खाते से कट सकते हैं पैसे : जितेंद्र मीणा

कोरोना वायरस काे लेकर रेलवे ने अलर्ट जारी किया है। कर्मचारियों को जहां मास्क बांटे जा रहे हैं। वहीं रेलवे स्टेशनाें पर पंफ्लेट भी लगवाए गए हैं। अनजान मेल अादि काे नहीं खाेलने की अपील की जा रही है।\\\'\\\'
- जितेंद्र कुमार मीणा, सीनियर डीसीएम, बीकानेर डिविजन।

पंचकूला में ट्रेनर्स ने ट्रेंड की हेल्थ टीम : गेस्ट हाउस किए बुक, जहां रखे जाएंगे वायरस ग्रस्त के परिजन


सोमवार को कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम की सटीक जानकारी के लिए पंचकूला स्वास्थ्य मुख्यालय में कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें हिसार की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जया गोयल, फिजिशियन डॉ. राम अवतार सहित महामारी विद और सूक्ष्म जीव विज्ञानी भी मौजूद रहे। डॉ. गोयल ने बताया कि सेंट्रल हेल्थ टीम द्वारा कोरोना वायरस से बचाव, रोकथाम व इलाज संबंधित जानकारी देकर ट्रेनर्स तैयार किए हैं जोकि हर राज्य में जाकर ट्रेनिंग दे रहे हैं। यह बताया कि किन मरीजों का सैंपल लेना है, लक्षण क्या हैं, सैंपलिंग व इलाज के दौरान किन बातों का ध्यान रखना है, फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों को कैसे किट पहननी है, कैसे किट को डिस्पोज ऑफ करना है बारे जानकारी दी। बकायदा उन्हें ट्रेंड किया है ताकि वे अपने-अपने जिले में जाकर डॉक्टर्स, स्टाफ नर्सों, वर्करों, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दें। इसके अलावा वायरस पाॅजिटिव रोगियों के परिजनों को अलग रखने के लिए गेस्ट हाउस बुक कर लिए हैं। विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं इत्यादि में उन्हें रखा जाएगा। वहां खाने-पीने की सुविधा के अलावा हेल्थ सुविधाएं मुहैया होंगी। इसके अलावा संक्रमण खत्म करने के लिए घर या जहां-जहां मरीज रहा है वहां पर फ्यूमीगेशन होगी। उसके संपर्क में आए सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच होगी, ताकि अन्य कोई वायरस ग्रस्त तो नहीं हुआ है।

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