बिजली निगम के लाइनमैन को करंट लगने का मामला : दो फाड़ हुई कर्मचारी यूनियन
बिजली निगम के लाइनमैन बिजेंद्र को करंट लगने के मामले में यूनियन दो फाड़ दिख रही है। एक यूनियन कर्मचारी बिजेंद्र को हादसे के पीछे गलत तरीके से तबादले का कारण बता रही है। वहीं दूसरी यूनियन इस बात का खंडन कर रही है। सब अर्बन में रोषस्वरूप मीटिंग की गई जिसका मुख्य कारण 6 मार्च को महजद में लाइनमैन बिजेंद्र का एक्सीडेंट रहा। मीटिंग की अध्यक्षता सब अर्बन प्रधान जगदीश जाखड़ ने की व संचालन सब यूनिट सचिव जोनी कुमार ने किया। दुर्घटना का मुख्य कारण एसडीओ द्वारा महजद शिकायत सेंटर से एक कर्मचारी का तबादला करना रहा। जिसके कारण शिकायत सेंटर पर केवल एक कर्मचारी रह गया। सर्कल सचिव विनोद दुहन ने कहा कि एसडीओ व एक्सईएन पर कार्रवाई नहीं की गई तो यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। सुमित कुमार, अनिल शर्मा, प्रवीण कुमार, सूरजमल शर्मा, दीपक चोपड़ा, रणधीर, कर्मबीर आदि मौजूद थे। वहीं एचएसईबी वर्कर्स यूनियन की मीटिंग रेस्ट हाउस में हुई, जिसकी अध्यक्षता यूनिट प्रधान विकास नेहरा ने की व मंच संचालक सचिव उमेद सिंह सोरखी ने किया। उन्होंने बताया कि विनोद दुहन को जनवरी में सर्कल सचिव के पद से पदमुक्त कर दिया गया था। यह लोग एक राजनीतिक दल की आड़ में यूनियन को बदनाम करना चाहते हैं। इन लोगों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। मीटिंग के दौरान शमशेर सिंह, राजेंद्र कथूरिया, महावीर बिसला, वजीर शर्मा, राजेश दलाल, कृष्ण कुमार, नरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार, सतुराम, सतीश लोहान, बलवान सिंह, दलबीर सोरखी आदि उपस्थित रहे।
धरना देकर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।