प्रॉपर्टी टैक्स की फर्जी रसीद काटने के मामले में अज्ञात पर एफआईआर दर्ज
नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने पर नगर निगम आयुक्त ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग को केस दर्ज करके अनुसंधान कर कार्रवाई के लिए कहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए अज्ञात के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है।
निगम आयुक्त जय किशन अभीर ने शिकायत में लिखा है कि किसी ने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जी-8 गड़बड़ी करके फर्जी रसीद काटी हैं। इस काम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है। इसके तहत आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई बनती है। प्रथम दृष्टया जांच में रसीदें फर्जी मिली हैं जिससे जाहिर है कि फ्रॉड हुआ है। ऐसे में पुलिस मामले में नगर निगम जाकर टैक्स ब्रांच से रिकॉर्ड जब्त करके आगामी कार्रवाई करेगी।
भास्कर ने उठाया मुद्दा तो निगम ने शुरू की थी जांच
गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने पहले ही मुद्दा उठाया था कि नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा है। आए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। भास्कर संवाददाता ने इस पूरे मामले की पड़ताल की थी तो पता चला था कि केवल उन प्रॉपर्टी टैक्स अकाउंट में गड़बड़ी की गई है जिनका टैक्स बिल मेयर कार्यालय के माध्यम से भरने के लिए आया था। पड़ताल में ये मामला निकलकर आया है कि एक में नहीं बल्कि कई बिलाें में गड़बड़ी हुई है। 13876 रुपये की एक और रसीद पर 500 रुपये जमा करने वाली रसीद का बार कोड यूज किया गया है। यह रसीद भी फर्जी निकली है। मामले में संलिप्त लोगों ने मेयर के पिता द्वारा दिए गए बिल को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने 20590 की फर्जी रसीद बनाते समय उस बिल व बार कोड की कॉपी कर दी जिस बिल को मेयर के पिता ने अपने किसी मिलने वाले व्यक्ति का टैक्स भरने के लिए निगम कार्यालय भिजवाया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब निगम कार्यालय से मेयर के पिता के जानकार इंद्र सिंह बूरा के पास फोन गया कि आपके प्रॉपर्टी टैक्स संबंधित कुछ निगम को जानकारी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या आपने बिल भर दिया। तो उन्होंने दो रसीदें पास होने की बात कही। निगम ने उन्हें दोनों रसीदें बुधवार को निगम कार्यालय लेकर पहुंचने के लिए कहा है। उन्हें इसलिए बुलाया जा रहा हैं क्योंकि प्रॉपर्टी टैक्स फर्जी बिल बनाने वालों ने सेक्टर 16-17 निवासी व्यक्ति इंद्र सिंह बूरा के बिल को कॉपी कर लिया था।
नगर निगम की टैक्स शाखा में गोलमाल